हिमाचल: न पुल बने न उठा मलबा, गानवी पर फिर बरसात का खतरा, लोगों में दहशत
प्रदेश के रामपुर बुशहर का गानवी क्षेत्र पिछली दो बरसातों से आपदा की मार झेल रहा है, लेकिन आज भी उसके हालात नहीं सुधरे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर का गानवी क्षेत्र पिछली दो बरसातों से आपदा की मार झेल रहा है, लेकिन आज भी उसके हालात नहीं सुधरे हैं। पिछले साल 13 अगस्त को गानवी खड्ड में आई बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी। आपदा में 11 घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए थे। छह दुकानें, एक शेड और पुलिस चौकी गानवी भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई। बारह-बीस क्षेत्र की छह पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क का 150 मीटर लंबा हिस्सा धंस गया था। भारी मलबे और पत्थरों के साथ आए सैलाब ने गानवी बाजार के बस अड्डे को जलमग्न कर दिया था। खड्ड पर बने पुल बह गए थे। अब बरसात फिर सिर पर है, लेकिन न पुल बन पाए हैं और न तबाही का मलबा उठाया गया है। गानवी के बड़े क्षेत्र के ग्रामीण खड्ड पर सीमेंट की आरसीसी पाइपों से बनाए अस्थायी पुल से आवाजाही कर रहे हैं।
खड्ड में आया मलबा वैसे ही पड़ा है
वाहनों की आवाजाही भी इसी पुल से हो रही है। इस आपदा के बाद पुल को दोबारा बनाने, खड्ड में आए मलबे को उठाने, पुल बनाने, घरों को बचाने के लिए खड्ड के किनारों पर सुरक्षा दीवार लगाने समेत कई राहत कार्य करने की घोषणाएं हुईं, लेकिन इन पर काम शुरू नहीं हो पाया। खड्ड में आया मलबा वैसे ही पड़ा है। घरों को खड्ड में आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए सुरक्षा दीवारें तक नहीं लगी हैं। गानवी गांव के लिए लोगों की ओर स्वयं बनाए हुए लकड़ी के पुल से ही काम चलाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित सूरत राम ने बताया कि घोषणा के अनुसार मुआवजा नहीं दिया गया है। पिछले साल बहे पुल के स्थान पर आरसीसी की पाइपों से अस्थायी पुल बनाया गया है। अत्यधिक बारिश होने से उस पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है। बारह-बीस क्षेत्र की छह पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क का गानवी के पास एक हिस्सा काफी संवेदनशील है। यहां पर एक किलोमीटर लंबी वैकल्पिक सड़क बनाने की योजना थी, जो अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।
मामला बजट में फंसा
गानवी पंचायत के पूर्व उप प्रधान जगदीश कुमार ने कहा कि क्षेत्र में हालात अभी गंभीर हैं। गानवी खड्ड में दोबारा बाढ़ आती है तो हजारों ग्रामीण प्रभावित होंगे। पुल बनाने के लिए पुरजोर मांग उठाई जा रही है, लेकिन मामला बजट मंजूरी में फंसा है।
ठोस कदम नहीं उठाए गए: संतोष कुमार
पिछले साल बाढ़ से प्रभावित हुए संतोष कुमार ने बताया कि बरसात नजदीक आते फिर से चिंता सताने लगी है। खड्ड किनारे बने घरों को बचाने के लिए अभी तक सुरक्षा दीवार नहीं लग सकी है। बचाव के लिए सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
गानवी खड्ड पर बनने वाले पुल की डीपीआर तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेज दी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - आशुतोष ठाकुर, स्थानिक अभियंता, गानवी विद्युत परियोजना