फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Plea of a 38 year old mother Sumana Devi: Govt, consider me entitled, not dead — Know the full story.

Kangra: 38 साल की मां सुमना देवी की गुहार- मुझे मृत नहीं, हकदार समझिए सरकार; जानें पूरा मामला

Sat, 08 Aug 2026 05:15 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कोटला (कांगड़ा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटला (कांगड़ा)। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 08 Aug 2026 05:15 AM IST
सार

38 वर्षीय सुमना देवी को मुख्यमंत्री महिला सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता से वंचित होना पड़ रहा है। 

विज्ञापन
Plea of a 38 year old mother Sumana Devi: Govt, consider me entitled, not dead — Know the full story.
पंचायत नियांगल की सुमना देवी। - फोटो : संवाद

विस्तार

मैं अभी जिंदा हूं, मुझे जबरदस्ती कागजों में मृत मत बनाइए। सरकार मुझे न्याय दे, ताकि 1500 रुपये की मासिक सहायता से मेरे बेटे की पढ़ाई और पालन-पोषण में कुछ मदद मिल सके। यह पीड़ा उस बेबस मां की है, जिसे सरकारी पोर्टल ने कागजों में मृत घोषित कर दिया है। मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जवाली उपमंडल की ग्राम पंचायत नियांगल (गांव बाड़ा) का है, जहां 38 वर्षीय सुमना देवी को मुख्यमंत्री महिला सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता से वंचित होना पड़ रहा है। ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आ रही इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनका आवेदन पत्र आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

विज्ञापन

 दो अन्य बैंकों में नए खाते खुलवाए, लेकिन पोर्टल पर डेड केस का स्टेटस नहीं बदला
हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िता ने दो अन्य बैंकों में नए खाते भी खुलवाए, लेकिन इसके बाद भी पोर्टल पर डेड केस का स्टेटस नहीं बदला। अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाली सुमना देवी का जीवन शुरुआत से ही काफी संघर्षपूर्ण रहा है। कम उम्र में विवाह, पति से तलाक के बाद वह अपने 14 वर्षीय बेटे का अकेले पालन-पोषण कर रही हैं। अत्यंत गरीब परिवार से संबंध रखने के बावजूद उनके पास न तो रहने के लिए पक्का मकान है, न ही अंत्योदय राशन कार्ड और न ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ मिल पा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पंचायत सचिव ने ये कहा
अपने और बच्चे के गुजर-बसर के लिए वह रोजाना करीब 10 किमी पैदल चलकर कोटला में दिहाड़ी-मजदूरी करती हैं। इसके बाद रात के समय लोगों के कपड़ों की तुरपाई कर किसी तरह घर का खर्च चलाती हैं। उधर, पंचायत सचिव हरबंस लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन करते समय बैंक डिटेल सत्यापन के दौरान पोर्टल पर बार-बार डेड केस का मैसेज आ रहा है। इससे डाटा सेव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जवाली को भेज दी गई है। प्रथम दृष्टया यह किसी तकनीकी त्रुटि का मामला लगता है, जिसे संबंधित विभाग के माध्यम से जल्द ठीक करवाने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed