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Rampur Bushahar News: मजदूरों के अधिकारों के लिए प्राण न्योछावर करने वाले मजदूर किए याद
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रामपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मजदूर संगठनों के सदस्य। स्रोत : सीट
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झाकड़ी, दत्तनगर, बिथल, नीरथ, नाथपा और चाटी में मनाया अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस
केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करने का किया एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूरों के अधिकारों और शोषण से मुक्ति के लिए लड़ते हुए प्राण न्योछावर करने वाले मजदूरों को याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। सीटू से संबंधित सभी यूनियनों ने झाकड़ी, दत्तनगर, बिथल, नीरथ, नाथपा और किसान मजदूर भवन चाटी में मजदूर दिवस मनाया। इस अवसर पर मजदूराें ने मजदूर विरोधी, किसान विरोधी, जन विरोधी और राष्ट्र विरोधी केंद्र सरकार के खिलाफ आने वाले समय में आंदोलन तैयार करने का प्रण लिया। हिमाचल किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा, सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, राहुल विद्यार्थी, प्रेम चौहान, मिलाप नेगी, गुरदास, काम राज और दिनेश मेहता ने कहा कि आज हम शिकागो के उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने 8 घंटे के कार्य दिवस और मजदूर वर्ग के अधिकारों को स्थापित करने के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी। मजदूर नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में आंदोलन न केवल मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को खत्म करने के लिए आवश्यक है, बल्कि विनाशकारी नव उदारवादी नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष को मजबूत करने के लिए भी एक आवश्यक शर्त है। उन्होंने कहा पिछले 11 साल में केंद्र सरकार ने कॉर्पोरेट क्षेत्र का 15 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को माफ कर दिया है। वहीं, बैंकों को देय किसानों की कुल बकाया राशि 18 लाख करोड़ है, जिसका एक पैसा माफ नहीं किया गया है। सीटू ने कहा कि 2019-20 में पारित किए गए चार मजदूर कानून को 21 नवंबर 2025 से लागू करने की अधिसूचना जारी की गई है, जो देश के करोड़ों मजदूरों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सीटू ने देशभर के मजदूरों, कर्मचारियों और मेहनतकश जनता से आह्वान किया कि वे इन श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मजदूर कानून को वापस नहीं लिया गया और श्रमिक हितों की रक्षा नहीं की गई, तो देशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूरों के अधिकारों और शोषण से मुक्ति के लिए लड़ते हुए प्राण न्योछावर करने वाले मजदूरों को याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। सीटू से संबंधित सभी यूनियनों ने झाकड़ी, दत्तनगर, बिथल, नीरथ, नाथपा और किसान मजदूर भवन चाटी में मजदूर दिवस मनाया। इस अवसर पर मजदूराें ने मजदूर विरोधी, किसान विरोधी, जन विरोधी और राष्ट्र विरोधी केंद्र सरकार के खिलाफ आने वाले समय में आंदोलन तैयार करने का प्रण लिया। हिमाचल किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा, सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, राहुल विद्यार्थी, प्रेम चौहान, मिलाप नेगी, गुरदास, काम राज और दिनेश मेहता ने कहा कि आज हम शिकागो के उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने 8 घंटे के कार्य दिवस और मजदूर वर्ग के अधिकारों को स्थापित करने के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी। मजदूर नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में आंदोलन न केवल मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को खत्म करने के लिए आवश्यक है, बल्कि विनाशकारी नव उदारवादी नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष को मजबूत करने के लिए भी एक आवश्यक शर्त है। उन्होंने कहा पिछले 11 साल में केंद्र सरकार ने कॉर्पोरेट क्षेत्र का 15 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को माफ कर दिया है। वहीं, बैंकों को देय किसानों की कुल बकाया राशि 18 लाख करोड़ है, जिसका एक पैसा माफ नहीं किया गया है। सीटू ने कहा कि 2019-20 में पारित किए गए चार मजदूर कानून को 21 नवंबर 2025 से लागू करने की अधिसूचना जारी की गई है, जो देश के करोड़ों मजदूरों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सीटू ने देशभर के मजदूरों, कर्मचारियों और मेहनतकश जनता से आह्वान किया कि वे इन श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मजदूर कानून को वापस नहीं लिया गया और श्रमिक हितों की रक्षा नहीं की गई, तो देशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा।

रामपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मजदूर संगठनों के सदस्य। स्रोत : सीट