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Rampur Bushahar News: क्षेत्रीय संतुलन और रणनीतिक उम्मीदवार चयन ने कांग्रेस को दिलाई बढ़त
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आनी खंड के दोनों जिला परिषद वार्डों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी ने की जीत दर्ज
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी विकास खंड के दोनों जिला परिषद वार्डों लझेरी और बखनाओं में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत ने स्थानीय राजनीति के समीकरणों को नई दिशा दी है। चुनाव परिणामों के बाद मतदाताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और जानकारों से मिली प्रतिक्रियाओं से संकेत मिलता है कि कांग्रेस की उम्मीदवार चयन रणनीति, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक एकजुटता उसकी सफलता के प्रमुख कारण रहे। लझेरी वार्ड में कांग्रेस समर्थित रीमा देवी ने 9199 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा समर्थित आशा देवी को 7971 मत मिले। स्वतंत्र प्रत्याशी अनु ठाकुर को 3058 मत प्राप्त हुए। स्थानीय लोगों का मानना है कि कांग्रेस ने जलोड़ी क्षेत्र की कमांद पंचायत की पूर्व प्रधान रीमा देवी को मैदान में उतारकर क्षेत्रीय एवं सटीक राजनीतिक रणनीति अपनाई। क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पहचान और विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता ने कांग्रेस को लाभ पहुंचाया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस अपने स्थानीय नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने में सफल रही। वहीं, जलोड़ी क्षेत्र की छह पंचायतों में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और स्थानीय पहचान का मुद्दा भी कांग्रेस के पक्ष में गया। दूसरी ओर भाजपा को स्वतंत्र प्रत्याशी अनु ठाकुर की मौजूदगी से चुनौती मिली। माना जा रहा है कि इससे भाजपा समर्थक मतों का विभाजन हुआ। हालांकि, चुनाव परिणाम को केवल इसी कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा। चुनाव के दौरान भाजपा के भीतर समन्वय की कमी और कुछ नेताओं के प्रति नाराजगी भी चर्चा का विषय बनी रही। उधर, बखनाओं वार्ड में कांग्रेस समर्थित डॉ. सुनील कुमार ने 6900 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। भाजपा समर्थित योगिंद्र कुमार को 5947 मत मिले। जबकि स्वतंत्र प्रत्याशी श्यामानंद को 5506 और कॉमरेड समर्थित रमेश चंद को 886 मत प्राप्त हुए। कांग्रेस ने इस वार्ड में चवाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले युवा चेहरे डॉ. सुनील कुमार पर दांव खेला, जिसे संगठन का व्यापक समर्थन मिला। वहीं, स्वतंत्र प्रत्याशी श्यामानंद को दलाश और लूहरी क्षेत्र में अच्छा जनसमर्थन प्राप्त हुआ। इसके बावजूद राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस संगठन की सक्रियता और खंड स्तर पर बेहतर समन्वय ने पार्टी को बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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आनी (कुल्लू)। आनी विकास खंड के दोनों जिला परिषद वार्डों लझेरी और बखनाओं में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत ने स्थानीय राजनीति के समीकरणों को नई दिशा दी है। चुनाव परिणामों के बाद मतदाताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और जानकारों से मिली प्रतिक्रियाओं से संकेत मिलता है कि कांग्रेस की उम्मीदवार चयन रणनीति, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक एकजुटता उसकी सफलता के प्रमुख कारण रहे। लझेरी वार्ड में कांग्रेस समर्थित रीमा देवी ने 9199 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा समर्थित आशा देवी को 7971 मत मिले। स्वतंत्र प्रत्याशी अनु ठाकुर को 3058 मत प्राप्त हुए। स्थानीय लोगों का मानना है कि कांग्रेस ने जलोड़ी क्षेत्र की कमांद पंचायत की पूर्व प्रधान रीमा देवी को मैदान में उतारकर क्षेत्रीय एवं सटीक राजनीतिक रणनीति अपनाई। क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पहचान और विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता ने कांग्रेस को लाभ पहुंचाया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस अपने स्थानीय नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने में सफल रही। वहीं, जलोड़ी क्षेत्र की छह पंचायतों में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और स्थानीय पहचान का मुद्दा भी कांग्रेस के पक्ष में गया। दूसरी ओर भाजपा को स्वतंत्र प्रत्याशी अनु ठाकुर की मौजूदगी से चुनौती मिली। माना जा रहा है कि इससे भाजपा समर्थक मतों का विभाजन हुआ। हालांकि, चुनाव परिणाम को केवल इसी कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा। चुनाव के दौरान भाजपा के भीतर समन्वय की कमी और कुछ नेताओं के प्रति नाराजगी भी चर्चा का विषय बनी रही। उधर, बखनाओं वार्ड में कांग्रेस समर्थित डॉ. सुनील कुमार ने 6900 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। भाजपा समर्थित योगिंद्र कुमार को 5947 मत मिले। जबकि स्वतंत्र प्रत्याशी श्यामानंद को 5506 और कॉमरेड समर्थित रमेश चंद को 886 मत प्राप्त हुए। कांग्रेस ने इस वार्ड में चवाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले युवा चेहरे डॉ. सुनील कुमार पर दांव खेला, जिसे संगठन का व्यापक समर्थन मिला। वहीं, स्वतंत्र प्रत्याशी श्यामानंद को दलाश और लूहरी क्षेत्र में अच्छा जनसमर्थन प्राप्त हुआ। इसके बावजूद राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस संगठन की सक्रियता और खंड स्तर पर बेहतर समन्वय ने पार्टी को बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।