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Rampur Bushahar News: सिलिंडर ढुलाई में मनमानी मजदूरी से उपभोक्ता परेशान
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500 मीटर दूरी तक ढुलाई के लिए भी वसूले जा रहे 100 से 200 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। ऑफलाइन बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलिंडर की ढुलाई के लिए मनमानी मजदूरी चुकानी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से ढुलाई के लिए कोई निर्धारित दर तय न होने के कारण मजदूरों की 100 से 200 रुपये तक की वसूली आम बात हो गई है। इससे आम लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं को सुबह जल्दी उठकर गैस वितरण केंद्रों पर पहुंचना पड़ता है, जहां कई बार तीन घंटे तक लंबी कतारों में लगने के बाद ही बुकिंग हो पाती है। इसके बाद उन्हें निर्धारित स्थल पर जाकर खाली सिलिंडर जमा कर भरा सिलिंडर लेना पड़ता है, लेकिन सिलिंडर मिलने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसे घर तक पहुंचाने की होती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि वितरण स्थल से घर तक सिलिंडर पहुंचाने के लिए कोई सरकारी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें मजदूरों की मदद लेनी पड़ती है, जो बाजार के अंदर नगर परिषद क्षेत्र में दूरी के हिसाब से 100 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। कई मामलों में मात्र 500 मीटर की दूरी के लिए भी 150 से 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। रोहड़ू के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है और जल्द ही समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे, लेकिन स्पष्ट नीति लागू करने का शीघ्र प्रयास होगा ताकि उपभोक्ताओं को मनमानी मजदूरी के इस बोझ को नहीं झेलना पड़ेगा।
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रोहड़ू। ऑफलाइन बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलिंडर की ढुलाई के लिए मनमानी मजदूरी चुकानी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से ढुलाई के लिए कोई निर्धारित दर तय न होने के कारण मजदूरों की 100 से 200 रुपये तक की वसूली आम बात हो गई है। इससे आम लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं को सुबह जल्दी उठकर गैस वितरण केंद्रों पर पहुंचना पड़ता है, जहां कई बार तीन घंटे तक लंबी कतारों में लगने के बाद ही बुकिंग हो पाती है। इसके बाद उन्हें निर्धारित स्थल पर जाकर खाली सिलिंडर जमा कर भरा सिलिंडर लेना पड़ता है, लेकिन सिलिंडर मिलने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसे घर तक पहुंचाने की होती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि वितरण स्थल से घर तक सिलिंडर पहुंचाने के लिए कोई सरकारी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें मजदूरों की मदद लेनी पड़ती है, जो बाजार के अंदर नगर परिषद क्षेत्र में दूरी के हिसाब से 100 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। कई मामलों में मात्र 500 मीटर की दूरी के लिए भी 150 से 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। रोहड़ू के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है और जल्द ही समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे, लेकिन स्पष्ट नीति लागू करने का शीघ्र प्रयास होगा ताकि उपभोक्ताओं को मनमानी मजदूरी के इस बोझ को नहीं झेलना पड़ेगा।