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Rampur Bushahar News: ब्रह्मभोज में सैकड़ों ब्राह्मण और जाई-भांजे हुए शामिल
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कोटला में देवी साहिब सिंहासिनी मंदिर में आयोजित ब्रह्मभोज में मौजूद जाई-भांजे। संवाद
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आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद ग्रामीणों ने देवी-देवताओं को दी विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर खंड की ज्यूरी पंचायत के कोटला में आयोजित ब्रह्मभोज में आए देवी, देवताओं, जाई-भांजों और ब्राह्मणों की विदाई हो गई है। ब्रह्मभोज से सैकड़ों जाई-भांजे और त्यावल, रानवी, कुन्नी सहित क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया।
देवी साहिब सिंहासिनी के नए मंदिर की प्रतिष्ठा के पश्चात ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया, जिसमें विशेष रूप से देवता दत्त महाराज बसाहरा, देवता लक्ष्मी नारायण झांगरू मंझगांव और देवता कुंद्रा नाग कुन्नी कोटला मंदिर में शामिल होने पहुंचे थे। सभी देवी-देवता पांच दिनों तक मंदिर में दुर्गा पाठ, सत्यनारायण कथा, पूर्णाहुति और ब्रह्मभोज में शामिल रहे। ब्रह्मभोज से पहले 27 अप्रैल को मेहमान देवी-देवताओं का स्वागत हुआ। 28 अप्रैल से दुर्गा पाठ और 30 अप्रैल को जाई-भांजों का स्वागत किया गया। शुक्रवार को पूर्णाहुति और ब्रह्मभोज और दो मई को देवताओं को विदाई दी गई। मंदिर कमेटी के प्रधान मोहन मेहता ने बताया कि दुर्गा पाठ, सत्यनारायण कथा और ब्रह्मभोज के बाद देवताओं सहित सभी जाई-भांजों की विदाई हुई।
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर खंड की ज्यूरी पंचायत के कोटला में आयोजित ब्रह्मभोज में आए देवी, देवताओं, जाई-भांजों और ब्राह्मणों की विदाई हो गई है। ब्रह्मभोज से सैकड़ों जाई-भांजे और त्यावल, रानवी, कुन्नी सहित क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया।
देवी साहिब सिंहासिनी के नए मंदिर की प्रतिष्ठा के पश्चात ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया, जिसमें विशेष रूप से देवता दत्त महाराज बसाहरा, देवता लक्ष्मी नारायण झांगरू मंझगांव और देवता कुंद्रा नाग कुन्नी कोटला मंदिर में शामिल होने पहुंचे थे। सभी देवी-देवता पांच दिनों तक मंदिर में दुर्गा पाठ, सत्यनारायण कथा, पूर्णाहुति और ब्रह्मभोज में शामिल रहे। ब्रह्मभोज से पहले 27 अप्रैल को मेहमान देवी-देवताओं का स्वागत हुआ। 28 अप्रैल से दुर्गा पाठ और 30 अप्रैल को जाई-भांजों का स्वागत किया गया। शुक्रवार को पूर्णाहुति और ब्रह्मभोज और दो मई को देवताओं को विदाई दी गई। मंदिर कमेटी के प्रधान मोहन मेहता ने बताया कि दुर्गा पाठ, सत्यनारायण कथा और ब्रह्मभोज के बाद देवताओं सहित सभी जाई-भांजों की विदाई हुई।
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