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Rampur Bushahar News: भीमाकाली मंदिर सराहन में उमड़े श्रद्धालु
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नवरात्रि पर्व पर भीमाकाली मंदिर सराहन में मां की पूजा-अर्चना के लिए कतारों में खड़े श्रद्धालु।
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सुबह से मंदिरों में जुटने शुरू हुए भक्त, शाम तक हजारों ने नवाया शीश
कई घंटे कतारों में रहने के बाद किए माता के दर्शन, पूजा-अर्चना की
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
भीमाकाली मंदिर सराहन में दुर्गा अष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु सुबह 6:00 बजे से माता के दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारों में लगे रहे। दिनभर मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। शाम तक हजारों लोगों ने मंदिर में शीश नवाया। भीमाकाली मंदिर सराहन में नवरात्र पर आसपास के क्षेत्रों के अलावा देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु काली माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीमाकाली माता प्रदेश ही नहीं, देशभर में विख्यात है। पश्चिम बंगाल सहित देशभर के काली उपासक बड़ी संख्या में सराहन पहुंचते हैं। नवरात्र पर कई लोग अपने बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए भी मंदिर में पहुंचते हैं। अष्टमी में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, गृह रक्षक और न्यास के कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर में नौ दिन से नव दुर्गा पाठ भी चल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए नौ दिन से न्यास की ओर से भंडारा लगाया जा रहा है।
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कई घंटे कतारों में रहने के बाद किए माता के दर्शन, पूजा-अर्चना की
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
भीमाकाली मंदिर सराहन में दुर्गा अष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु सुबह 6:00 बजे से माता के दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारों में लगे रहे। दिनभर मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। शाम तक हजारों लोगों ने मंदिर में शीश नवाया। भीमाकाली मंदिर सराहन में नवरात्र पर आसपास के क्षेत्रों के अलावा देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु काली माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीमाकाली माता प्रदेश ही नहीं, देशभर में विख्यात है। पश्चिम बंगाल सहित देशभर के काली उपासक बड़ी संख्या में सराहन पहुंचते हैं। नवरात्र पर कई लोग अपने बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए भी मंदिर में पहुंचते हैं। अष्टमी में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, गृह रक्षक और न्यास के कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर में नौ दिन से नव दुर्गा पाठ भी चल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए नौ दिन से न्यास की ओर से भंडारा लगाया जा रहा है।