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Rampur Bushahar News: टिकरा, मझरोग गांवों के लिए नहीं सड़क, पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाए जाते हैं मरीज
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कुमारसैन की मोगड़ा पंचायत के दो गांव नहीं जुड़ पाए सडक़ सुविधा से। संवाद
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कई बार यह मुद्दा संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा गया
सड़क की कमी क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। उपमंडल कुमारसैन की मोगड़ा पंचायत के दुर्गम टिकरा और मझरोग गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आपात स्थिति में भी पीठ पर मरीज को उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। करीब 300 की आबादी वाले इन गांवों के लोग वर्षों से विकास की राह देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की कमी उनके क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। कई बार यह मुद्दा संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। सड़क सुविधा के अभाव का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। गांव में किसी व्यक्ति के अचानक बीमार होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। मरीजों को चारपाई के सहारे या पीठ पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। महिलाओं को घरेलू कार्यों और आवश्यक सामान लाने के लिए कठिन पगडंडियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक विकास का आधार भी है। बरसात और बर्फबारी के दौरान रास्ते फिसलन भरे और खतरनाक हो जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
जनप्रतिनिधियों से उम्मीद
टिकरा और मझरोग के निवासियों ललित कुमार, नरेंद्र कुमार और पंकज ने कहा कि वे केवल सुरक्षित और सुगम सड़क चाहते हैं। उनका मानना है कि सड़क सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे। हाल ही में ग्रामीणों ने अपनी यह समस्या नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधियों के समक्ष उठाई है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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सड़क की कमी क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। उपमंडल कुमारसैन की मोगड़ा पंचायत के दुर्गम टिकरा और मझरोग गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आपात स्थिति में भी पीठ पर मरीज को उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। करीब 300 की आबादी वाले इन गांवों के लोग वर्षों से विकास की राह देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की कमी उनके क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। कई बार यह मुद्दा संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। सड़क सुविधा के अभाव का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। गांव में किसी व्यक्ति के अचानक बीमार होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। मरीजों को चारपाई के सहारे या पीठ पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। महिलाओं को घरेलू कार्यों और आवश्यक सामान लाने के लिए कठिन पगडंडियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक विकास का आधार भी है। बरसात और बर्फबारी के दौरान रास्ते फिसलन भरे और खतरनाक हो जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
जनप्रतिनिधियों से उम्मीद
टिकरा और मझरोग के निवासियों ललित कुमार, नरेंद्र कुमार और पंकज ने कहा कि वे केवल सुरक्षित और सुगम सड़क चाहते हैं। उनका मानना है कि सड़क सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे। हाल ही में ग्रामीणों ने अपनी यह समस्या नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधियों के समक्ष उठाई है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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