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Rampur Bushahar News: सेंटारोजा प्लम भर रहा बागवानों की जेब दिल्ली में 1200 रुपये तक बिक रही पेटी
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राजपुरा में प्लम के सीजन में जुटे मजदूर। संवाद
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रामपुर के निचले इलाकों में प्लम के तुड़ान और भरान का काम शुरू
पिछले साल के मुकाबले इस बार 70 फीसदी उत्पादन हुआ कम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर में सेंटारोजा प्लम का सीजन शुरू हो गया है। दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला समेत देश की विभिन्न मंडियों में इस प्लम को अच्छे दाम मिल रहे हैं। दिल्ली की आजादपुर मंडी में आठ किलोग्राम की एक पेटी 700 से 1200 रुपये तक बिक रही है। बागवानों ने रामपुर के निचले इलाकों में प्लम के तुड़ान और भरान का काम शुरू कर दिया है। वे अपनी फसल विभिन्न मंडियों में भेज रहे हैं। बागवानों ने बताया कि शुरुआती दौर में प्लम के अच्छे दाम मिल रहे हैं। हालांकि, इस साल प्लम का उत्पादन बीते वर्ष के मुकाबले करीब 70 फीसदी कम हुआ है। सर्दियों में सूखा पड़ा। फूल आने की अवस्था में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने बागवानों को प्रभावित किया है। बागवानों को हर साल प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महंगाई के इस दौर में बागवानी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित बागवानों को सरकार से कोई राहत राशि या मुआवजा नहीं मिल रहा है। इस कारण बागवान हताश और परेशान हैं।
आकार के अनुसार तय हो रहे दाम
बागवान सरस्वती ठाकुर ने बताया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्लम के दाम आकार के अनुसार तय हो रहे हैं। आठ किलोग्राम की पेटी में बड़े आकार के प्लम 1200 रुपये प्रति पेटी बिक रहे हैं। मध्यम आकार के प्लम का दाम 900 से 1000 रुपये है। छोटे आकार के प्लम 700 रुपये प्रति पेटी मिल रहे हैं।
कम आवक से अच्छे दाम की उम्मीद
दिल्ली आजादपुर मंडी के आढ़ती अंशुमान धवन ने बताया कि सेंटारोजा प्लम की प्रति पेटी 700 से 1200 रुपये तक बिक रही है। इस साल मंडी में प्लम की आवक काफी कम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कम आवक के कारण बागवानों को अच्छे दाम मिलते रहेंगे।
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पिछले साल के मुकाबले इस बार 70 फीसदी उत्पादन हुआ कम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर में सेंटारोजा प्लम का सीजन शुरू हो गया है। दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला समेत देश की विभिन्न मंडियों में इस प्लम को अच्छे दाम मिल रहे हैं। दिल्ली की आजादपुर मंडी में आठ किलोग्राम की एक पेटी 700 से 1200 रुपये तक बिक रही है। बागवानों ने रामपुर के निचले इलाकों में प्लम के तुड़ान और भरान का काम शुरू कर दिया है। वे अपनी फसल विभिन्न मंडियों में भेज रहे हैं। बागवानों ने बताया कि शुरुआती दौर में प्लम के अच्छे दाम मिल रहे हैं। हालांकि, इस साल प्लम का उत्पादन बीते वर्ष के मुकाबले करीब 70 फीसदी कम हुआ है। सर्दियों में सूखा पड़ा। फूल आने की अवस्था में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने बागवानों को प्रभावित किया है। बागवानों को हर साल प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महंगाई के इस दौर में बागवानी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित बागवानों को सरकार से कोई राहत राशि या मुआवजा नहीं मिल रहा है। इस कारण बागवान हताश और परेशान हैं।
आकार के अनुसार तय हो रहे दाम
बागवान सरस्वती ठाकुर ने बताया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्लम के दाम आकार के अनुसार तय हो रहे हैं। आठ किलोग्राम की पेटी में बड़े आकार के प्लम 1200 रुपये प्रति पेटी बिक रहे हैं। मध्यम आकार के प्लम का दाम 900 से 1000 रुपये है। छोटे आकार के प्लम 700 रुपये प्रति पेटी मिल रहे हैं।
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कम आवक से अच्छे दाम की उम्मीद
दिल्ली आजादपुर मंडी के आढ़ती अंशुमान धवन ने बताया कि सेंटारोजा प्लम की प्रति पेटी 700 से 1200 रुपये तक बिक रही है। इस साल मंडी में प्लम की आवक काफी कम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कम आवक के कारण बागवानों को अच्छे दाम मिलते रहेंगे।

राजपुरा में प्लम के सीजन में जुटे मजदूर। संवाद