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Rampur Bushahar News: चुनाव में बस वादे, लावारिस पशुओं की समस्या का नहीं समाधान
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कोटखाई में सड़क किनारे बैठे लावारिस पशु। संवाद
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चुनावी मुद्दा : कोटखाई मुख्य सड़कों, संपर्क सड़क और बाजारों में पशु बने खतरा
रात को बगीचों और खेतों में घुसकर फसलों, पौधों को पहुंचा रहे हैं नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। उपमंडल कोटखाई में लावारिस पशुओं की लगातार बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। चुनाव के दौरान लावारिस पशुओं को मुद्दा उठता है और समस्या के समाधान के वादे किए जाते हैं। चुनाव के बाद यह समस्या जस की तस रह जाती है। कोटखाई क्षेत्र की मुख्य सड़कों, संपर्क सड़कों और बाजारों में दिनभर पशु घूमते दिखाई देते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि आम लोग भी परेशान होते हैं। लोगों का कहना है कि लावारिस पशु अब बगीचों और खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेब बहुल इस क्षेत्र में बागवान पहले ही मौसम की मार झेल रहे हैं। ऐसे में पशुओं की ओर से फसलों को नुकसान पहुंचाना उनकी चिंता और बढ़ा रहा है। कई जगह पशुओं के झुंड रात को बगीचों में घुस जाते हैं, जिससे नई पौध और फसल पूरी तरह चौपट हो रही है। पशु सब्जियों की खेती को रात को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता सड़क सुरक्षा को लेकर है। कोटखाई और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में घूम रहे पशु लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार लावारिश पशुओं के सामने आने से वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते समय हादसे से बचे। स्कूली बच्चों के लिए यह समस्या और भी भयावह रूप ले चुकी है। सुबह-शाम स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे इन पशुओं को देखकर डर जाते हैं। कई बच्चों को रास्ते में रुककर किसी बड़े व्यक्ति का इंतजार करना पड़ता है ताकि वे सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। अभिभावकों में भी इसको लेकर भारी चिंता देखी जा रही है।
लोगों ने कहा
नहीं निकाला स्थायी समाधान
बागा कोटखाई के पदमदास ने कहा कि लंबे समय से इस समस्या को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए और इस दिशा में स्थायी समाधान निकाला जाए।
फसलों और बगीचों को नुकसान पहुंचा रहे पशु
कलोट गांव के कविंद्र कंवर ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। यह पशु लगातार फसलों और बगीचों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस ओर उचित कदम उठाना चाहिए।
खतरा बन चुके हैं लावारिस पशु
चलनैर गांव के संदीप गांगटा ने कहा कि लावारिस पशु राहगीरों और दोपहिया सवार लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। इसके अलावा इन्होंने बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। लावारिस पशु रात को झुंड में बगीचों में घुस जाते हैं, जिससे नई पौध और फसल पूरी तरह चौपट हो रही है। इस समस्या का आज दिन तक समाधान नहीं निकल पाया।
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रात को बगीचों और खेतों में घुसकर फसलों, पौधों को पहुंचा रहे हैं नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। उपमंडल कोटखाई में लावारिस पशुओं की लगातार बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। चुनाव के दौरान लावारिस पशुओं को मुद्दा उठता है और समस्या के समाधान के वादे किए जाते हैं। चुनाव के बाद यह समस्या जस की तस रह जाती है। कोटखाई क्षेत्र की मुख्य सड़कों, संपर्क सड़कों और बाजारों में दिनभर पशु घूमते दिखाई देते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि आम लोग भी परेशान होते हैं। लोगों का कहना है कि लावारिस पशु अब बगीचों और खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेब बहुल इस क्षेत्र में बागवान पहले ही मौसम की मार झेल रहे हैं। ऐसे में पशुओं की ओर से फसलों को नुकसान पहुंचाना उनकी चिंता और बढ़ा रहा है। कई जगह पशुओं के झुंड रात को बगीचों में घुस जाते हैं, जिससे नई पौध और फसल पूरी तरह चौपट हो रही है। पशु सब्जियों की खेती को रात को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता सड़क सुरक्षा को लेकर है। कोटखाई और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में घूम रहे पशु लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार लावारिश पशुओं के सामने आने से वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते समय हादसे से बचे। स्कूली बच्चों के लिए यह समस्या और भी भयावह रूप ले चुकी है। सुबह-शाम स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे इन पशुओं को देखकर डर जाते हैं। कई बच्चों को रास्ते में रुककर किसी बड़े व्यक्ति का इंतजार करना पड़ता है ताकि वे सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। अभिभावकों में भी इसको लेकर भारी चिंता देखी जा रही है।
लोगों ने कहा
नहीं निकाला स्थायी समाधान
बागा कोटखाई के पदमदास ने कहा कि लंबे समय से इस समस्या को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए और इस दिशा में स्थायी समाधान निकाला जाए।
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फसलों और बगीचों को नुकसान पहुंचा रहे पशु
कलोट गांव के कविंद्र कंवर ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। यह पशु लगातार फसलों और बगीचों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस ओर उचित कदम उठाना चाहिए।
खतरा बन चुके हैं लावारिस पशु
चलनैर गांव के संदीप गांगटा ने कहा कि लावारिस पशु राहगीरों और दोपहिया सवार लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। इसके अलावा इन्होंने बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। लावारिस पशु रात को झुंड में बगीचों में घुस जाते हैं, जिससे नई पौध और फसल पूरी तरह चौपट हो रही है। इस समस्या का आज दिन तक समाधान नहीं निकल पाया।

कोटखाई में सड़क किनारे बैठे लावारिस पशु। संवाद

कोटखाई में सड़क किनारे बैठे लावारिस पशु। संवाद

कोटखाई में सड़क किनारे बैठे लावारिस पशु। संवाद