{"_id":"69f48c963762dae5510c9b59","slug":"people-are-wandering-around-munish-and-kashapat-seeking-treatment-for-their-animals-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1032-159280-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: मुनिश और काशापाट में पशुओं \nके उपचार के लिए भटक रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: मुनिश और काशापाट में पशुओं के उपचार के लिए भटक रहे लोग
विज्ञापन
विज्ञापन
. समय पर उपचार न मिलने से कई गायें हो चुकीं बांझ
सरकार और पशु पालन विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों में रोष
पशु उपचार सुविधाओं में जल्द नहीं हुआ सुधार तो ग्रामीण करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
उपमंडल रामपुर की दुर्गम पंचायत मुनिश और काशापाट के पशु औषधालय में पशुपालकों को पशुओं के उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। समय पर उपचार न मिलने से कई गायें बांझ हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि पशु औषधालय में सुविधाएं जल्द शुरू नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कई साल से दोनों पंचायतों के पशु औषधालय में पशुओं की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। पशु औषधालय देवठी से प्रतिनियुक्ति पर कभी-कभार वेटरनरी फार्मासिस्ट को सप्ताह में एक या दो बार दोनों पंचायतों में पशुओं की जांच और टीकाकरण के लिए भेजा जाता है। पशुपालकों का कहना है कि गंभीर बीमारी और अचानक टीकाकरण की स्थिति में आपातकालीन उपचार संभव न होने के चलते गायें बांझ हो रही हैं। मुनिश पंचायत के पूर्व प्रधान भजन दास ने बताया कि प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग को उन्होंने अपने कार्यकाल से कई बार पशु औषधालय में स्टाफ की नियुक्ति के संदर्भ में पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया, लेकिन आज दिन तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के उपचार और टीकाकरण के लिए यदि औषधालय में चिकित्सक और वेटरनरी फार्मासिस्ट उपलब्ध होंगे, तो पशुओं का 24 घंटे उपचार संभव हो सकता है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने वाले कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। प्रदेश सरकार पशुओं के लिए भले ही बेहतर उपचार घरद्वार उपलब्ध कराने के दावे करे, लेकिन वस्तुस्थिति इसके विपरीत है।
पशुपालकों ने लगाई स्टाफ की तैनाती की गुहार
पशु पालक सुरेंद्र भंडारी, प्रेम लाल, प्रकाश, रूप दास, विक्रम सिंह, श्याम लाल, जगत सिंह, केशव राम, बुद्धि सिंह, सुमिंदरा, ईश्वर स्नाटू, राकेश ठाकुर और राम रत्न ने प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग से पशु औषधालय में स्टाफ की तैनाती करने की गुहार लगाई है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द उनकी मांगों पर गौर नहीं होता तो वे सडक़ पर उतर जन आंदोलन छेड़ देंगे।
Trending Videos
सरकार और पशु पालन विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों में रोष
पशु उपचार सुविधाओं में जल्द नहीं हुआ सुधार तो ग्रामीण करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
उपमंडल रामपुर की दुर्गम पंचायत मुनिश और काशापाट के पशु औषधालय में पशुपालकों को पशुओं के उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। समय पर उपचार न मिलने से कई गायें बांझ हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि पशु औषधालय में सुविधाएं जल्द शुरू नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कई साल से दोनों पंचायतों के पशु औषधालय में पशुओं की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। पशु औषधालय देवठी से प्रतिनियुक्ति पर कभी-कभार वेटरनरी फार्मासिस्ट को सप्ताह में एक या दो बार दोनों पंचायतों में पशुओं की जांच और टीकाकरण के लिए भेजा जाता है। पशुपालकों का कहना है कि गंभीर बीमारी और अचानक टीकाकरण की स्थिति में आपातकालीन उपचार संभव न होने के चलते गायें बांझ हो रही हैं। मुनिश पंचायत के पूर्व प्रधान भजन दास ने बताया कि प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग को उन्होंने अपने कार्यकाल से कई बार पशु औषधालय में स्टाफ की नियुक्ति के संदर्भ में पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया, लेकिन आज दिन तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के उपचार और टीकाकरण के लिए यदि औषधालय में चिकित्सक और वेटरनरी फार्मासिस्ट उपलब्ध होंगे, तो पशुओं का 24 घंटे उपचार संभव हो सकता है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने वाले कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। प्रदेश सरकार पशुओं के लिए भले ही बेहतर उपचार घरद्वार उपलब्ध कराने के दावे करे, लेकिन वस्तुस्थिति इसके विपरीत है।
पशुपालकों ने लगाई स्टाफ की तैनाती की गुहार
पशु पालक सुरेंद्र भंडारी, प्रेम लाल, प्रकाश, रूप दास, विक्रम सिंह, श्याम लाल, जगत सिंह, केशव राम, बुद्धि सिंह, सुमिंदरा, ईश्वर स्नाटू, राकेश ठाकुर और राम रत्न ने प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग से पशु औषधालय में स्टाफ की तैनाती करने की गुहार लगाई है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द उनकी मांगों पर गौर नहीं होता तो वे सडक़ पर उतर जन आंदोलन छेड़ देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन