संघों ने डीसीएफ को सौंपा ज्ञापन, अधिसूचना वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। प्रदेश सरकार की ओर से 500 वन रक्षकों के पद समाप्त करने के निर्णय के खिलाफ रोहड़ू में विरोध तेज हो गया है। हिमाचल प्रदेश वन अराजपत्रित कर्मचारी कल्याण संघ रोहड़ू मंडल ने इस फैसले को युवाओं के भविष्य और रोजगार की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। संघ के पदाधिकारियों ने वन मंडल अधिकारी रोहड़ू को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि वन रक्षक के पदों को समाप्त कर सहायक वन रक्षक के पद सृजित करना विभागीय ढांचे के साथ अन्याय है। इस विरोध को हिमाचल प्रदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कल्याण संघ रोहड़ू ने भी समर्थन दिया है। संघ के अध्यक्ष रोहित नैंटा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रभा, उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, वीरेंद्र कायथ, महासचिव अविनाश कश्यप और सलाहकार यशवंत शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने वन मंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संदीप भी मौजूद रहे। संघ के प्रेस सचिव जितेंद्र शर्मा ने बताया कि नियमित पदों को खत्म कर मानदेय आधारित पद बनाना न केवल कर्मचारियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है, बल्कि इससे विभागीय कार्यप्रणाली भी प्रभावित होगी। उन्होंने चेताया कि एक ही कार्य के लिए अलग-अलग पदनाम और वेतनमान से कर्मचारियों के बीच असमानता, पदोन्नति विवाद और असंतोष बढ़ेगा। संघ ने सरकार से 28 अप्रैल 2026 की अधिसूचना को तुरंत निरस्त करने, समाप्त किए गए 500 पद बहाल करने, भर्ती व पदोन्नति नियमों से समझौता न करने और अनुबंध/मानदेय आधारित भर्तियों पर रोक लगाने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।