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Rampur Bushahar News: बारिश-अंधड़ और ओलों से फीकी पड़ी जिला स्तरीय महासू मेले की रौनक
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महासू मेले में बारिश के बाद बना अव्यवस्था का आलम। संवाद
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तेज हवा, बारिश के चलते गिर गया टेंट, मची अफरातफरी
बीच में समेटना पड़ा कार्यक्रम, कारोबारियों को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
उपमंडल कोटखाई का ऐतिहासिक एवं जिला स्तरीय महासू मेला (जात) इस वर्ष मौसम की मार से फीका पड़ गया। 28 अप्रैल से शुरू हुए तीन दिवसीय मेले का समापन तो हुआ, लेकिन दो दिन बुधवार और वीरवार को लगातार बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि ने पूरे आयोजन की रौनक बिगाड़ दी। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच अचानक खराब मौसम ने खलल डाल दिया। तेज हवा और बारिश के चलते टेंट गिर गया, जिससे अफरातफरी मच गई। हालांकि, लोग किसी तरह मैदान के चारों ओर बने स्टेडियम में शरण लेकर छातों के सहारे खुद को बचाते रहे, लेकिन कार्यक्रम को बीच में ही समेटना पड़ा। मेले में दूरदराज और बहारी राज्य से आए कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। कई दुकानों के टेंटों में पानी घुस गया, जिससे सामान खराब हुआ और उनकी आमदनी पर असर पड़ा। सैकड़ों लोग मेला देखने पहुंचे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण निराश लौटना पड़ा। हालांकि, कुछ समय के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने पहाड़ी गीतों पर नाटी प्रस्तुत कर समां बांधा। इसके बावजूद कई कलाकारों को बिना प्रस्तुति दिए ही लौटना पड़ा। कोटखाई के एसडीएम अभिषेक बरवाल ने बताया कि खराब मौसम के चलते मेले को बीच में ही बंद करना पड़ा और कई कलाकार अपनी प्रस्तुति नहीं दे सके। इस बार जिला स्तरीय महासू मेले में जिस तरह की रौनक की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो पाई और बारिश ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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बीच में समेटना पड़ा कार्यक्रम, कारोबारियों को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
उपमंडल कोटखाई का ऐतिहासिक एवं जिला स्तरीय महासू मेला (जात) इस वर्ष मौसम की मार से फीका पड़ गया। 28 अप्रैल से शुरू हुए तीन दिवसीय मेले का समापन तो हुआ, लेकिन दो दिन बुधवार और वीरवार को लगातार बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि ने पूरे आयोजन की रौनक बिगाड़ दी। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच अचानक खराब मौसम ने खलल डाल दिया। तेज हवा और बारिश के चलते टेंट गिर गया, जिससे अफरातफरी मच गई। हालांकि, लोग किसी तरह मैदान के चारों ओर बने स्टेडियम में शरण लेकर छातों के सहारे खुद को बचाते रहे, लेकिन कार्यक्रम को बीच में ही समेटना पड़ा। मेले में दूरदराज और बहारी राज्य से आए कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। कई दुकानों के टेंटों में पानी घुस गया, जिससे सामान खराब हुआ और उनकी आमदनी पर असर पड़ा। सैकड़ों लोग मेला देखने पहुंचे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण निराश लौटना पड़ा। हालांकि, कुछ समय के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने पहाड़ी गीतों पर नाटी प्रस्तुत कर समां बांधा। इसके बावजूद कई कलाकारों को बिना प्रस्तुति दिए ही लौटना पड़ा। कोटखाई के एसडीएम अभिषेक बरवाल ने बताया कि खराब मौसम के चलते मेले को बीच में ही बंद करना पड़ा और कई कलाकार अपनी प्रस्तुति नहीं दे सके। इस बार जिला स्तरीय महासू मेले में जिस तरह की रौनक की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो पाई और बारिश ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

महासू मेले में बारिश के बाद बना अव्यवस्था का आलम। संवाद
