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Rampur Bushahar News: नगर परिषद रोहड़ू के वार्ड परिसीमन पर विरोध, लोगों ने उपायुक्त को भेजा आपत्ति पत्र
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वार्ड नंबर 4 को 1 और वार्ड 1 को 9 से जोड़ने पर जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नगर परिषद रोहड़ू के वार्ड परिसीमन और विस्तार को लेकर स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। नगर परिषद रोहड़ू के निवासियों ने उपायुक्त शिमला को आपत्ति पत्र भेजा है और प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार की मांग की है। वीरवार को लोगों ने आपत्ति पत्र एसडीएम को सौंपा।
लोगों का कहना है कि परिसीमन और विस्तार से जुड़े कुछ निर्णय स्थानीय हितों, भौगोलिक संतुलन और आम जनता की सुविधा के विपरीत हैं। पत्र में लोगों ने विशेष रूप से वार्ड नंबर-चार को वार्ड नंबर-एक में शामिल किए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय भौगोलिक दृष्टि से उचित नहीं है और इससे आम नागरिकों को असुविधा होगी। इसी तरह वार्ड नंबर-एक को वार्ड नंबर-नौ में शामिल करने के प्रस्ताव का भी विरोध किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इससे वार्डों का संतुलन बिगड़ेगा और विकास कार्यों में असमानता उत्पन्न होगी। इसके अलावा लोगों ने वार्ड नंबर-चार को पांच में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई है। पत्र में लोगों ने कहा है कि दोनों वार्डों की आवश्यकताएं और भौगोलिक स्थिति अलग-अलग है, इसलिए ऐसा निर्णय स्थानीय हित में नहीं है। लोगों ने नगर परिषद सीमा में कृषि भूमि के अधिग्रहण का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि कुछ ऐसे क्षेत्र परिसीमन में शामिल किए गए हैं, जहां स्थायी आबादी नहीं है, जबकि वहां कृषि भूमि स्थानीय लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में कृषि भूमि को नगर परिषद सीमा में शामिल करना अनुचित है। आपत्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि प्रस्तावित बदलाव लागू किए गए, तो आम जनता को आधार कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेजों में संशोधन करवाना पड़ेगा। इससे लोगों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ेगा।
लोगों ने आरोप लगाया है कि परिसीमन प्रक्रिया में स्थानीय जनता की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और भौगोलिक संतुलन का भी ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और प्रस्तावित वार्ड बदलावों पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही कृषि भूमि व वार्ड परिसीमन से जुड़े अधिग्रहण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने कहा कि आवेदन उपायुक्त शिमला को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नगर परिषद रोहड़ू के वार्ड परिसीमन और विस्तार को लेकर स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। नगर परिषद रोहड़ू के निवासियों ने उपायुक्त शिमला को आपत्ति पत्र भेजा है और प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार की मांग की है। वीरवार को लोगों ने आपत्ति पत्र एसडीएम को सौंपा।
लोगों का कहना है कि परिसीमन और विस्तार से जुड़े कुछ निर्णय स्थानीय हितों, भौगोलिक संतुलन और आम जनता की सुविधा के विपरीत हैं। पत्र में लोगों ने विशेष रूप से वार्ड नंबर-चार को वार्ड नंबर-एक में शामिल किए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय भौगोलिक दृष्टि से उचित नहीं है और इससे आम नागरिकों को असुविधा होगी। इसी तरह वार्ड नंबर-एक को वार्ड नंबर-नौ में शामिल करने के प्रस्ताव का भी विरोध किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इससे वार्डों का संतुलन बिगड़ेगा और विकास कार्यों में असमानता उत्पन्न होगी। इसके अलावा लोगों ने वार्ड नंबर-चार को पांच में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई है। पत्र में लोगों ने कहा है कि दोनों वार्डों की आवश्यकताएं और भौगोलिक स्थिति अलग-अलग है, इसलिए ऐसा निर्णय स्थानीय हित में नहीं है। लोगों ने नगर परिषद सीमा में कृषि भूमि के अधिग्रहण का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि कुछ ऐसे क्षेत्र परिसीमन में शामिल किए गए हैं, जहां स्थायी आबादी नहीं है, जबकि वहां कृषि भूमि स्थानीय लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में कृषि भूमि को नगर परिषद सीमा में शामिल करना अनुचित है। आपत्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि प्रस्तावित बदलाव लागू किए गए, तो आम जनता को आधार कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेजों में संशोधन करवाना पड़ेगा। इससे लोगों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ेगा।
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लोगों ने आरोप लगाया है कि परिसीमन प्रक्रिया में स्थानीय जनता की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और भौगोलिक संतुलन का भी ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और प्रस्तावित वार्ड बदलावों पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही कृषि भूमि व वार्ड परिसीमन से जुड़े अधिग्रहण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने कहा कि आवेदन उपायुक्त शिमला को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।