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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Rain brings relief to apple growers, but also increases the risk of diseases

Rampur Bushahar News: बारिश से सेब बागवानों को राहत, रोगों का खतरा भी बढ़ा

Tue, 21 Jul 2026 11:52 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:52 PM IST
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रिश से माइट का प्रकोप कम होगा और फलों के आकार में सुधार आएगा
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विशेषज्ञों ने बढ़ी हुई नमी के कारण मार्सोनिना पतझड़ रोग, फफूंदजनित रोगों पर किया आगाह
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
ऊपरी शिमला के सेब उत्पादक क्षेत्रों में हुई बारिश से बागवानों को लंबे समय से पड़ रही गर्मी से राहत मिली है। इस बारिश से सेब के बगीचों में माइट का प्रकोप कम होने और फलों के आकार में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों ने बढ़ी हुई नमी के कारण मार्सोनिना पतझड़ रोग और अन्य फफूंदजनित रोगों के संक्रमण के खतरे के प्रति आगाह किया है। कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू की प्रभारी उषा शर्मा ने बताया कि बारिश का सेब की फसल पर दोहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि बारिश से माइट का प्रकोप कम होगा और फलों के आकार में सुधार आएगा, जो बागवानों के लिए अच्छी बात है लेकिन लगातार नमी रहने से मार्सोनिना पतझड़ रोग और अन्य फफूंदजनित रोगों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। बागवानों को बगीचों का नियमित निरीक्षण करना चाहिए। पत्तियों पर रोग के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत बागवानी विभाग की अनुशंसित फफूंदनाशी दवाओं का छिड़काव आवश्यक होगा। सेब उत्पादक क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान के चलते बागवान माइट के प्रकोप को लेकर चिंतित थे। बारिश के बाद पेड़ों को प्राकृतिक नमी मिलने से यह समस्या काफी हद तक नियंत्रित होने की उम्मीद है। साथ ही मिट्टी में नमी बढ़ने से पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होगा। इसका सीधा लाभ फलों की बढ़वार और गुणवत्ता पर पड़ेगा। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि बारिश के बाद बगीचों में अधिक नमी रहने से मार्सोनिना, अल्टरनेरिया सहित अन्य फफूंदजनित रोग तेजी से फैल सकते हैं। उषा शर्मा ने सलाह दी कि मौसम साफ होते ही बागवान अपने बगीचों का निरीक्षण करें। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार अनुशंसित फफूंदनाशी का समय पर छिड़काव करें। बगीचों में जलभराव नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि इससे रोग का प्रकोप और बढ़ सकता है।
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