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Rampur Bushahar News: 84.16 करोड़ से रामपुर की 13 सड़कों का होगा कायाकल्प, सेब मंडी पहुंचाना होगा आसान
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पीएमजीएसवाई के तहत 65.5 किलोमीटर सड़क होगी चकाचक
दुर्गम क्षेत्र 15/20, 12/20 और उप तहसील सराहन ग्रामीणों को मिलेगी राहत
हजारों बागवानों को नकदी फसलें मंडी पहुंचाने में होगी आसानी
कोल्ड मिक्स तकनीक से सड़कें होंगी पक्की, चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवारें लगेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एक दशक से भी अधिक समय से खस्ताहाल सड़कों से जूझ रहे उपमंडल रामपुर के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों के हजारों ग्रामीणों को अब जल्द राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-4 के तहत क्षेत्र की 13 सड़कों का 84.16 करोड़ रुपये की राशि से कायाकल्प होगा। दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों के अलावा हजारों बागवानों को अब अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाने में समस्याएं नहीं झेलनी पड़ेंगी। योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण, सुरक्षा दीवारें लगाने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने में जुट गया है।
उपमंडल रामपुर की खस्ताहाल बनी सड़कों पर हादसों का खतरा कम होगा। बीते वर्षों में क्षेत्र में आपदा के कारण सबसे अधिक क्षति सड़कों को पहुंची है। हजारों ग्रामीण लंबे अरसे से सड़कों की हालत सुधरने की आस लगाए हुए हैं। खासकर उपमंडल के 12/20, 15/20 और उप तहसील सराहन में सफर जानलेवा बना हुआ है। यहां रोजाना हजारों ग्रामीण खतरों के साये में सफर करने को मजबूर हैं। खस्ताहाल सड़कों की सबसे अधिक मार क्षेत्र की बागवानी पर पड़ रही है। बागवान साल भर मेहनत कर सेब उत्पादन करते हैं, लेकिन बरसात के समय सेब सीजन में सड़कें बंद होने से सेब बगीचों में सड़ जाता है। बीते वर्ष भी क्षेत्र की कई सड़कें बंद होने से बागवानों को आर्थिक मार झेलनी पड़ी थी, लेकिन अब पीएमजीएसवाई चरण-4 बैच एक के तहत सड़कों की हालत में सुधार होगा।
लोक निर्माण विभाग क्षेत्र की 13 सड़कों का कायाकल्प करेगा। योजना के तहत करीब 65.5 किलोमीटर लंबी सड़कों को चौड़ा करने, अपग्रेड करने, मेटलिंग और टारिंग के कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट तैयार करने में जुट गया है। अब जल्द ही कार्य शुरू होंगे। बताते चलें कि इन सड़कों के निर्माण में कोल्ड मिक्स तकनीक अपनाई जाएगी। यह तकनीक सड़क निर्माण की एक पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल विधि है। इसमें पारंपरिक हॉट मिक्स की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में कमी, ईंधन की बचत और अधिक टिकाऊपन रहता है। इस तकनीक से रामपुर की बर्फबारी प्रभावित सड़कों की हालत लंबे समय से दुरुस्त रहेगी।
कोट
लोक निर्माण विभाग रामपुर के एक्सईएन अंकुश जम्वाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चार के तहत रामपुर की 13 सड़कों पर 84.16 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इस राशि से सड़कों के चौड़ीकरण, टारिंग और सुरक्षा दीवारें लगाई जाएंगी। बजट स्वीकृति के बाद अब विभाग एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गया है।
बॉक्स
इन सड़कों का होगा सुधार
सड़क दूरी राशि
रामपुर अस्पताल कॉलोनी से सरलापरोग 1.960 किमी 2.50 करोड़
पटैना कैंची से दारन घाटी 5.120 किमी 6.85 करोड़
दलोग-चासनी-मंढोग 3.300 किमी 4 करोड़
रुंगचा-धारला 5.850 किमी 7.17 करोड़
राजपुरा-दरशाल 5.065 किमी 6.06 करोड़
संपर्क सड़क मोलगी 1.505 किमी 2.01 करोड़
उरू से धार 3 किमी 3.69 करोड़
पलजारा-गिंछा-पेई 8 किमी 11.19 करोड़
मंगलाड पुल से रुनपू 6.400 किमी 7.90 करोड़
शरण-डोई 4.070 किमी 4.81 करोड़
कूटी-किन्फी 12.510 किमी 13.84 करोड़
कोटला-कुन्नी 3.150 किमी 4.19 करोड़
सेरीपुल-अनुराक्षी से करेरी 5.610 किमी 9.99 करोड़
बॉक्स
हजारों बागवानों को मिलेगी राहत, आर्थिकी में होगा सुधार
उपमंडल रामपुर में अधिकतर ग्रामीण इलाकों में लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है। क्षेत्र में हर वर्ष 7 से 8 लाख सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। बीते एक दशक से भी अधिक समय से क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों की हालत बदतर बनी हुई है, जिसकी सबसे अधिक मार बागवानों पर पड़ रही है। बदहाल सड़कों पर कई साल से बागवानों की दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं। खस्ताहाल सड़कों पर वाहन चालक भी आने से कतराते हैं और बागवानों के लिए सेब को मंडी पहुंचाना चुनौती बन जाता है। ऐसे में अब सड़कों की हालत सुधरने से सबसे अधिक राहत बागवानों को मिलेगी और उन्हें अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाना आसान होगा।
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दुर्गम क्षेत्र 15/20, 12/20 और उप तहसील सराहन ग्रामीणों को मिलेगी राहत
हजारों बागवानों को नकदी फसलें मंडी पहुंचाने में होगी आसानी
कोल्ड मिक्स तकनीक से सड़कें होंगी पक्की, चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवारें लगेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एक दशक से भी अधिक समय से खस्ताहाल सड़कों से जूझ रहे उपमंडल रामपुर के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों के हजारों ग्रामीणों को अब जल्द राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-4 के तहत क्षेत्र की 13 सड़कों का 84.16 करोड़ रुपये की राशि से कायाकल्प होगा। दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों के अलावा हजारों बागवानों को अब अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाने में समस्याएं नहीं झेलनी पड़ेंगी। योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण, सुरक्षा दीवारें लगाने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने में जुट गया है।
उपमंडल रामपुर की खस्ताहाल बनी सड़कों पर हादसों का खतरा कम होगा। बीते वर्षों में क्षेत्र में आपदा के कारण सबसे अधिक क्षति सड़कों को पहुंची है। हजारों ग्रामीण लंबे अरसे से सड़कों की हालत सुधरने की आस लगाए हुए हैं। खासकर उपमंडल के 12/20, 15/20 और उप तहसील सराहन में सफर जानलेवा बना हुआ है। यहां रोजाना हजारों ग्रामीण खतरों के साये में सफर करने को मजबूर हैं। खस्ताहाल सड़कों की सबसे अधिक मार क्षेत्र की बागवानी पर पड़ रही है। बागवान साल भर मेहनत कर सेब उत्पादन करते हैं, लेकिन बरसात के समय सेब सीजन में सड़कें बंद होने से सेब बगीचों में सड़ जाता है। बीते वर्ष भी क्षेत्र की कई सड़कें बंद होने से बागवानों को आर्थिक मार झेलनी पड़ी थी, लेकिन अब पीएमजीएसवाई चरण-4 बैच एक के तहत सड़कों की हालत में सुधार होगा।
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लोक निर्माण विभाग क्षेत्र की 13 सड़कों का कायाकल्प करेगा। योजना के तहत करीब 65.5 किलोमीटर लंबी सड़कों को चौड़ा करने, अपग्रेड करने, मेटलिंग और टारिंग के कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट तैयार करने में जुट गया है। अब जल्द ही कार्य शुरू होंगे। बताते चलें कि इन सड़कों के निर्माण में कोल्ड मिक्स तकनीक अपनाई जाएगी। यह तकनीक सड़क निर्माण की एक पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल विधि है। इसमें पारंपरिक हॉट मिक्स की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में कमी, ईंधन की बचत और अधिक टिकाऊपन रहता है। इस तकनीक से रामपुर की बर्फबारी प्रभावित सड़कों की हालत लंबे समय से दुरुस्त रहेगी।
कोट
लोक निर्माण विभाग रामपुर के एक्सईएन अंकुश जम्वाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चार के तहत रामपुर की 13 सड़कों पर 84.16 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इस राशि से सड़कों के चौड़ीकरण, टारिंग और सुरक्षा दीवारें लगाई जाएंगी। बजट स्वीकृति के बाद अब विभाग एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गया है।
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इन सड़कों का होगा सुधार
सड़क दूरी राशि
रामपुर अस्पताल कॉलोनी से सरलापरोग 1.960 किमी 2.50 करोड़
पटैना कैंची से दारन घाटी 5.120 किमी 6.85 करोड़
दलोग-चासनी-मंढोग 3.300 किमी 4 करोड़
रुंगचा-धारला 5.850 किमी 7.17 करोड़
राजपुरा-दरशाल 5.065 किमी 6.06 करोड़
संपर्क सड़क मोलगी 1.505 किमी 2.01 करोड़
उरू से धार 3 किमी 3.69 करोड़
पलजारा-गिंछा-पेई 8 किमी 11.19 करोड़
मंगलाड पुल से रुनपू 6.400 किमी 7.90 करोड़
शरण-डोई 4.070 किमी 4.81 करोड़
कूटी-किन्फी 12.510 किमी 13.84 करोड़
कोटला-कुन्नी 3.150 किमी 4.19 करोड़
सेरीपुल-अनुराक्षी से करेरी 5.610 किमी 9.99 करोड़
बॉक्स
हजारों बागवानों को मिलेगी राहत, आर्थिकी में होगा सुधार
उपमंडल रामपुर में अधिकतर ग्रामीण इलाकों में लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है। क्षेत्र में हर वर्ष 7 से 8 लाख सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। बीते एक दशक से भी अधिक समय से क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों की हालत बदतर बनी हुई है, जिसकी सबसे अधिक मार बागवानों पर पड़ रही है। बदहाल सड़कों पर कई साल से बागवानों की दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं। खस्ताहाल सड़कों पर वाहन चालक भी आने से कतराते हैं और बागवानों के लिए सेब को मंडी पहुंचाना चुनौती बन जाता है। ऐसे में अब सड़कों की हालत सुधरने से सबसे अधिक राहत बागवानों को मिलेगी और उन्हें अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाना आसान होगा।
