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Rampur Bushahar News: बिना शिक्षकों के कैसे जलेगी शिक्षा की लौ
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खास खबर
कुल्लू के विद्यालयों में खाली चल रहे जेबीटी शिक्षकों के 365 पद
अध्यापक न होने से बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक भी चिंतित
निजी स्कूलों में पढ़ा रहे बच्चे, कई विद्यालय चल रहे एक शिक्षक के सहारे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के प्राइमरी स्कूलों में 365 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। बिना अध्यापक विद्यार्थियों में शिक्षा की लौ कैसे जलेगी। जिले में साल दर साल शिक्षकों की कमी होने से अभिभावक भी परेशान हैं। इस वजह से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। अभिभावक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को विवश हैं।
जिले के प्राइमरी स्कूलाें में जेबीटी के 1439 पद स्वीकृत हैं। के स्कूलों में 1074 जेबीटी शिक्षक हैं जबकि 365 पद रिक्त होने से अभिभावकों के साथ विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जो मात्र एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। अभिभावक गुलाब सिंह, धर्म सिंह, नीरत सिंह, प्रेम लाल, हीरा लाल, दुनी चंद, मोहन लाल और किशन ने कहा कि जिले में 365 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली होना हैरान करने वाला है। शिक्षकों की भारी कमी के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है। अभिभावक भी अपने बच्चों का भविष्य खतरे में नहीं डालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बात करती है लेकिन यह तभी आएगा जब स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली न हों। उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूलों में जिस तरह जेबीटी शिक्षकों की कमी है, उसी के आधार पर नियुक्ति भी करनी चाहिए। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू सुनील ठाकुर ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार से पत्राचार किया गया है।
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अध्यापक न होने से बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक भी चिंतित
निजी स्कूलों में पढ़ा रहे बच्चे, कई विद्यालय चल रहे एक शिक्षक के सहारे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के प्राइमरी स्कूलों में 365 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। बिना अध्यापक विद्यार्थियों में शिक्षा की लौ कैसे जलेगी। जिले में साल दर साल शिक्षकों की कमी होने से अभिभावक भी परेशान हैं। इस वजह से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। अभिभावक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को विवश हैं।
जिले के प्राइमरी स्कूलाें में जेबीटी के 1439 पद स्वीकृत हैं। के स्कूलों में 1074 जेबीटी शिक्षक हैं जबकि 365 पद रिक्त होने से अभिभावकों के साथ विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जो मात्र एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। अभिभावक गुलाब सिंह, धर्म सिंह, नीरत सिंह, प्रेम लाल, हीरा लाल, दुनी चंद, मोहन लाल और किशन ने कहा कि जिले में 365 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली होना हैरान करने वाला है। शिक्षकों की भारी कमी के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है। अभिभावक भी अपने बच्चों का भविष्य खतरे में नहीं डालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बात करती है लेकिन यह तभी आएगा जब स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली न हों। उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूलों में जिस तरह जेबीटी शिक्षकों की कमी है, उसी के आधार पर नियुक्ति भी करनी चाहिए। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू सुनील ठाकुर ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार से पत्राचार किया गया है।
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