{"_id":"6a69826b43db28686f064874","slug":"shipki-la-india-china-border-trade-restarts-kinnaur-72-hours-tibet-business-2026-07-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shipki La Trade : छह साल बाद फिर खुलेगा भारत-चीन व्यापार, 72 घंटे तिब्बत में कारोबार करेंगे भारतीय व्यापारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shipki La Trade : छह साल बाद फिर खुलेगा भारत-चीन व्यापार, 72 घंटे तिब्बत में कारोबार करेंगे भारतीय व्यापारी
Wed, 29 Jul 2026 10:05 AM IST
Ankesh Dogra
प्रकाश ठाकुर, रामपुर बुशहर।
प्रकाश ठाकुर, रामपुर बुशहर।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 29 Jul 2026 10:05 AM IST
सार
Shipki La Trade Restart : किन्नौर के शिपकी ला दर्रे से एक अगस्त से भारत-चीन सीमापार व्यापार छह साल बाद फिर शुरू होगा। पहले चरण में 15 भारतीय व्यापारी तिब्बत जाएंगे और 72 घंटे तक कारोबार कर सकेंगे। भारत से 20 और चीन से 35 प्रकार की वस्तुओं का आयात-निर्यात होगा। इस व्यापार से सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
भारत के ही व्यापारी जाएंगे, चीन के नहीं आ पाएंगे भारत
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के पूह उपमंडल में स्थित शिपकी ला के रास्ते से भारत और चीन के बीच व्यापार का संचालन एक अगस्त से फिर से शुरू होने जा रहा है। यह व्यापारिक मार्ग छह साल बाद फिर से खुलेगा, जिससे भारतीय व्यापारी चीन के तिब्बत क्षेत्र में 72 घंटे तक कारोबार कर सकेंगे। इस महत्वपूर्ण शुभारंभ को बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी हरी झंडी दिखाएंगे।
विज्ञापन
व्यापारिक संबंधों का पुनरुद्धार
इस बार के सीजन में, व्यापार केवल पूह खंड के स्थानीय व्यापारियों तक सीमित रहेगा। अब तक लगभग 60 व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है, और शुभारंभ के अवसर पर 15 व्यापारियों को तिब्बत भेजा जाएगा। यह व्यापारिक गतिविधि सीमा पार व्यापार को सुचारू बनाने के उद्देश्य से छुप्पन ट्रेड मार्ट के शुभारंभ के साथ ही शुरू होगी।
विज्ञापन
भारतीय व्यापारियों का दबदबा, चीनी कारोबारी नहीं आएंगे भारत
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि शिपकी ला के रास्ते से केवल भारतीय व्यापारी ही अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर सकेंगे। ये व्यापारी तिब्बत जाकर अपने सामान बेचेंगे और वहां से वस्तुएं खरीदकर वापस भारत लाएंगे। चीन की ओर से कोई भी कारोबारी सीमा पार कर भारत नहीं आएगा।
विज्ञापन
निर्यात और आयात की वस्तुएं
शिपकी ला के रास्ते भारतीय व्यापारी 20 प्रकार की वस्तुएं चीन ले जा सकेंगे। इनमें मुख्य रूप से हथकरघा शॉल, कृषि उपकरण और आयुर्वेदिक दवाइयां शामिल हैं। वहीं, चीन से 35 प्रकार का सामान भारत आयात किया जा सकेगा, जिसमें जूते, याक ऊन और पश्मीना ऊन प्रमुख हैं। समय के साथ, मांग के अनुसार निर्यात और आयात की जाने वाली वस्तुओं की सूची में बदलाव भी संभव है।
छह साल का अंतराल और पुनः आरंभ
बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण साल 2020 में शिपकी ला के रास्ते चीन से व्यापार को बंद कर दिया गया था। छह साल के लंबे अंतराल के बाद, पिछले साल विदेश मंत्रालय ने इस व्यापार मार्ग को फिर से शुरू करने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
यह पुनः आरंभ न केवल स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक अवसर खोलेगा, बल्कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को भी मजबूत करेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों और बागवानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए प्रदेश के विकास को गति देना है, और इस व्यापारिक मार्ग का खुलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण साल 2020 में शिपकी ला के रास्ते चीन से व्यापार को बंद कर दिया गया था। छह साल के लंबे अंतराल के बाद, पिछले साल विदेश मंत्रालय ने इस व्यापार मार्ग को फिर से शुरू करने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
यह पुनः आरंभ न केवल स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक अवसर खोलेगा, बल्कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को भी मजबूत करेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों और बागवानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए प्रदेश के विकास को गति देना है, और इस व्यापारिक मार्ग का खुलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।