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Rampur Bushahar News: तीन डॉक्टर के सहारे उपमंडल निरमंड के हजारों ग्रामीणों का स्वास्थ्य
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सिविल अस्पताल निरमंड में चिकित्सकों के रिक्त पदों ने बढ़ाई मरीजों की परेशानियां। संवाद
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सिविल अस्पताल में बीएमओ समेत डॉक्टरों के पांच पद पड़े रिक्त
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहे दुर्गम क्षेत्र के मरीज
स्टाफ नर्स सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद भी पड़े रिक्त
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)।
सरकार भले ही ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करे, लेकिन धरातल पर ये दावे नजर नहीं आते। जिला कुल्लू के उपमंडल निरमंड का हाल भी कुछ ऐसा ही है। चिकित्सकों और स्टाफ कर्मियों के रिक्त पदों से जूझ रहे सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। हजारों ग्रामीणों का स्वास्थ्य केवल तीन डॉक्टर के सहारे चल रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में अधिकतर मरीज यहां से 17 किलोमीटर दूर रामपुर के खनेरी अस्पताल जाने को मजबूर हैं। उपमंडल निरमंड की 32 पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सिविल अस्पताल निरमंड में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी भारी पड़ रही है। रोजाना करीब तीन सौ ओपीडी वाले इस अस्पताल में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले मरीज अव्यवस्था की मार झेल रहे हैं। अस्पताल में बीते कई वर्ष से बीएमओ का पद खाली पड़ा है। यहां एक एमओ के पास बीएमओ का अतिरिक्त कार्यभार था, लेकिन बीते माह उनकी पदोन्नति होने के बाद अब यह पद भी खाली चल रहा है। इसके अलावा अस्पताल में बीएमओ समेत चिकित्सकों के स्वीकृत 8 पदों में से 5 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों पर ओपीडी, आईपीडी और अन्य आवश्यक कार्यों का सारा दबाव आ गया है। इसके अलावा पोस्टमार्टम, एमएलसी जैसे कानूनी कार्य भी यहीं होते हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते इन जरूरी सेवाओं को सुचारु रूप से चलाना बड़ी चुनौती बन गया है। सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य स्टाफ की भी अस्पताल में कमी है। दंत चिकित्सक का पद कई वर्षों से खाली पड़ा है। स्टाफ नर्स का एक पद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पांच में से तीन पद भी लंबे समय से नहीं भरे गए हैं। अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सिविल अस्पताल में सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए ताकि ग्रामीणों को रामपुर के चक्कर न काटने पड़ें।
जल्द भरे जाएं रिक्त पद
क्षेत्र के जनकेश शर्मा, विकास, योगेश, प्रेम ठाकुर, रवि, मोहर सिंह, विजय, कमलेश ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने की मांग की है।
अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को लेकर समय-समय पर विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल के रिक्त पदों को भरा जाएगा। - प्रदीप नेगी,
कार्यकारी बीएमओ निरमंड
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सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहे दुर्गम क्षेत्र के मरीज
स्टाफ नर्स सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद भी पड़े रिक्त
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)।
सरकार भले ही ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करे, लेकिन धरातल पर ये दावे नजर नहीं आते। जिला कुल्लू के उपमंडल निरमंड का हाल भी कुछ ऐसा ही है। चिकित्सकों और स्टाफ कर्मियों के रिक्त पदों से जूझ रहे सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। हजारों ग्रामीणों का स्वास्थ्य केवल तीन डॉक्टर के सहारे चल रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में अधिकतर मरीज यहां से 17 किलोमीटर दूर रामपुर के खनेरी अस्पताल जाने को मजबूर हैं। उपमंडल निरमंड की 32 पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सिविल अस्पताल निरमंड में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी भारी पड़ रही है। रोजाना करीब तीन सौ ओपीडी वाले इस अस्पताल में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले मरीज अव्यवस्था की मार झेल रहे हैं। अस्पताल में बीते कई वर्ष से बीएमओ का पद खाली पड़ा है। यहां एक एमओ के पास बीएमओ का अतिरिक्त कार्यभार था, लेकिन बीते माह उनकी पदोन्नति होने के बाद अब यह पद भी खाली चल रहा है। इसके अलावा अस्पताल में बीएमओ समेत चिकित्सकों के स्वीकृत 8 पदों में से 5 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों पर ओपीडी, आईपीडी और अन्य आवश्यक कार्यों का सारा दबाव आ गया है। इसके अलावा पोस्टमार्टम, एमएलसी जैसे कानूनी कार्य भी यहीं होते हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते इन जरूरी सेवाओं को सुचारु रूप से चलाना बड़ी चुनौती बन गया है। सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य स्टाफ की भी अस्पताल में कमी है। दंत चिकित्सक का पद कई वर्षों से खाली पड़ा है। स्टाफ नर्स का एक पद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पांच में से तीन पद भी लंबे समय से नहीं भरे गए हैं। अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सिविल अस्पताल में सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए ताकि ग्रामीणों को रामपुर के चक्कर न काटने पड़ें।
जल्द भरे जाएं रिक्त पद
क्षेत्र के जनकेश शर्मा, विकास, योगेश, प्रेम ठाकुर, रवि, मोहर सिंह, विजय, कमलेश ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने की मांग की है।
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अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को लेकर समय-समय पर विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल के रिक्त पदों को भरा जाएगा। - प्रदीप नेगी,
कार्यकारी बीएमओ निरमंड