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Sirmour News: जिलेभर में बारिश-भूस्खलन से 51 सड़कें और 27 पेयजल-सिंचाई योजनाएं ठप
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भूस्खलन से बंद ददाहू-संगड़ाह सड़क। संवाद
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ददाहू में सबसे अधिक 113 मिमी बारिश, पांवटा में करंट लगने से दो गायों की मौत
जलशक्ति, लोक निर्माण और बिजली बोर्ड के बुनियादी ढांचे को क्षति, 4.47 करोड़ का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/सतौन/नैनाटिक्कर/कालाअंब (सिरमौर)। जिला सिरमौर में बुधवार को भी अधिकतर स्थानों में मूसलाधार बारिश हुई। सुबह शुरू हुई बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। जिलेभर में 51 सड़कें और 27 पेयजल-सिंचाई योजनाएं ठप हो गईं। वहीं बिजली बोर्ड का भी खासा नुकसान हुआ है।
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 113 मिमी वर्षा ददाहू में दर्ज की गई। इसके अलावा नाहन में 65 मिमी, पांवटा साहिब में 50.2 मिमी, शिलाई में 19.6 मिमी, संगड़ाह में 42 मिमी, राजगढ़ में 5 मिमी और नोहराधार में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
भूस्खलन के चलते संगड़ाह मंडल की 18, शिलाई मंडल की 17, नाहन मंडल की 14 और पांवटा साहिब मंडल की दो सड़कें बंद हो गईं। लोक निर्माण विभाग को सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से करीब 1,72,16,000 रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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जलशक्ति विभाग की 18 पेयजल योजनाएं और 9 सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें पांवटा साहिब मंडल की एक, नाहन मंडल की सात और नौहराधार मंडल की 10 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा पांवटा साहिब की आठ और नाहन की एक सिंचाई योजनाएं भी बारिश की भेंट चढ़ गई हैं। विभाग ने 1,67,80,000 हजार रुपये आंका है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के एचटी लाइन और विद्युत ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बिजली बोर्ड को 16,95,000 रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक कालाअंब क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्युत लाइनों और पोल को क्षति पहुंची है।
पांवटा साहिब उपमंडल की माजरा तहसील के माजरा मौजा में बुधवार सुबह को करंट लगने से दो गायों की मौत हो गई। इस घटना में पशुपालक दसौंधी को करीब एक लाख रुपये के नुकसान हुआ है। नाहन तहसील के रोज बेंदली गांव में भारी बारिश से बाबू राम के पक्के मकान के साथ घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जबकि निजी नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 65 हजार रुपये लगाया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारी अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर ने बताया कि राहत एवं बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। बंद सड़कों को खोलने, पेयजल योजनाओं को बहाल करने और बिजली व्यवस्था को सुचारु करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
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इनसेट
दोपहरिया खड्ड के उफान से यातायात प्रभावित
पुरुवाला। बारिश के बाद पुरुवाला चौक एक बार फिर दोपहरिया खड्ड के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया। खड्ड का पानी अपने साथ बजरी, पत्थर और भारी मात्रा में मलबा बहाकर चौक तक ले आया, जिससे पूरा क्षेत्र कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। हालात ऐसे बने कि छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई वाहन रास्ते में फंस गए।
स्थानीय निवासी कल्याण सिंह, घासी राम, रमेश शर्मा, तुलसी राम, पवन, ओमी और अजमल ने बताया कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि हर बरसात में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन बारिश समाप्त होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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जलशक्ति, लोक निर्माण और बिजली बोर्ड के बुनियादी ढांचे को क्षति, 4.47 करोड़ का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/सतौन/नैनाटिक्कर/कालाअंब (सिरमौर)। जिला सिरमौर में बुधवार को भी अधिकतर स्थानों में मूसलाधार बारिश हुई। सुबह शुरू हुई बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। जिलेभर में 51 सड़कें और 27 पेयजल-सिंचाई योजनाएं ठप हो गईं। वहीं बिजली बोर्ड का भी खासा नुकसान हुआ है।
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 113 मिमी वर्षा ददाहू में दर्ज की गई। इसके अलावा नाहन में 65 मिमी, पांवटा साहिब में 50.2 मिमी, शिलाई में 19.6 मिमी, संगड़ाह में 42 मिमी, राजगढ़ में 5 मिमी और नोहराधार में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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भूस्खलन के चलते संगड़ाह मंडल की 18, शिलाई मंडल की 17, नाहन मंडल की 14 और पांवटा साहिब मंडल की दो सड़कें बंद हो गईं। लोक निर्माण विभाग को सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से करीब 1,72,16,000 रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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जलशक्ति विभाग की 18 पेयजल योजनाएं और 9 सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें पांवटा साहिब मंडल की एक, नाहन मंडल की सात और नौहराधार मंडल की 10 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा पांवटा साहिब की आठ और नाहन की एक सिंचाई योजनाएं भी बारिश की भेंट चढ़ गई हैं। विभाग ने 1,67,80,000 हजार रुपये आंका है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के एचटी लाइन और विद्युत ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बिजली बोर्ड को 16,95,000 रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक कालाअंब क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्युत लाइनों और पोल को क्षति पहुंची है।
पांवटा साहिब उपमंडल की माजरा तहसील के माजरा मौजा में बुधवार सुबह को करंट लगने से दो गायों की मौत हो गई। इस घटना में पशुपालक दसौंधी को करीब एक लाख रुपये के नुकसान हुआ है। नाहन तहसील के रोज बेंदली गांव में भारी बारिश से बाबू राम के पक्के मकान के साथ घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जबकि निजी नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 65 हजार रुपये लगाया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारी अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर ने बताया कि राहत एवं बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। बंद सड़कों को खोलने, पेयजल योजनाओं को बहाल करने और बिजली व्यवस्था को सुचारु करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
इनसेट
दोपहरिया खड्ड के उफान से यातायात प्रभावित
पुरुवाला। बारिश के बाद पुरुवाला चौक एक बार फिर दोपहरिया खड्ड के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया। खड्ड का पानी अपने साथ बजरी, पत्थर और भारी मात्रा में मलबा बहाकर चौक तक ले आया, जिससे पूरा क्षेत्र कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। हालात ऐसे बने कि छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई वाहन रास्ते में फंस गए।
स्थानीय निवासी कल्याण सिंह, घासी राम, रमेश शर्मा, तुलसी राम, पवन, ओमी और अजमल ने बताया कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि हर बरसात में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन बारिश समाप्त होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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भूस्खलन से बंद ददाहू-संगड़ाह सड़क। संवाद

भूस्खलन से बंद ददाहू-संगड़ाह सड़क। संवाद

भूस्खलन से बंद ददाहू-संगड़ाह सड़क। संवाद

भूस्खलन से बंद ददाहू-संगड़ाह सड़क। संवाद