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Sirmour News: सिरमौर में 71 एचआईवी पॉजिटिव रोगियों का चल रहा उपचार
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-जिले में पांच आईसीटीसी सेंटरों में एचआईवी जांच की है सुविधा
-मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में उपचार और दी जा रहीं दवाएं
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सुदृढ़ हो रही हैं। वर्तमान में जिले में 71 एचआईवी पॉजिटिव रोगियों का उपचार चल रहा है। मेडिकल कॉलेज नाहन समेत पांच केंद्रों पर जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
जिले में तीन सरकारी और दो गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्र (आईसीटीसी) संचालित किए जा रहे हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज नाहन, नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब और राजगढ़ सरकारी संस्थान शामिल हैं, जबकि केयर संस्था पांवटा व कालाअंब तथा श्रद्धा संस्था पांवटा साहिब में भी यह सेवाएं दी जा रही हैं। इन केंद्रों में एचआईवी जांच के साथ मरीजों की काउंसलिंग भी की जाती है।
मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन में एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर स्थापित किया गया है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्स और काउंसलर की टीम तैनात है, जो मरीजों को उपचार, परामर्श और मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवा रही है। पहले एचआईवी संक्रमित मरीजों को दवाइयों के लिए शिमला, चंडीगढ़ और देहरादून का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब यह सुविधा जिला मुख्यालय नाहन में ही उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
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इनसेट-
जागरूकता और गोपनीयता पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विशेषकर अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मरीजों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी व्यक्ति का एचआईवी टेस्ट उसकी सहमति के बिना नहीं किया जा सकता। जांच से पहले काउंसलिंग अनिवार्य है। वहीं, गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच भी करवाई जा रही है, ताकि समय रहते उपचार देकर नवजात को संक्रमण से बचाया जा सके।
-- -इनसेट
रोगियों को दी जा रही बेहतर सेवाएं
विभाग की ओर से एचआईवी पॉजिटिव रोगियों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन के एआरटी सेंटर में उपचार, परामर्श और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध है। जिले में 71 मरीज उपचाराधीन हैं। इसके अलावा जागरूकता गतिविधियां भी लगातार चलाई जा रही हैं।
-डॉ. निसार अहमद, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी
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-मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में उपचार और दी जा रहीं दवाएं
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सुदृढ़ हो रही हैं। वर्तमान में जिले में 71 एचआईवी पॉजिटिव रोगियों का उपचार चल रहा है। मेडिकल कॉलेज नाहन समेत पांच केंद्रों पर जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
जिले में तीन सरकारी और दो गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्र (आईसीटीसी) संचालित किए जा रहे हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज नाहन, नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब और राजगढ़ सरकारी संस्थान शामिल हैं, जबकि केयर संस्था पांवटा व कालाअंब तथा श्रद्धा संस्था पांवटा साहिब में भी यह सेवाएं दी जा रही हैं। इन केंद्रों में एचआईवी जांच के साथ मरीजों की काउंसलिंग भी की जाती है।
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मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन में एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर स्थापित किया गया है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्स और काउंसलर की टीम तैनात है, जो मरीजों को उपचार, परामर्श और मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवा रही है। पहले एचआईवी संक्रमित मरीजों को दवाइयों के लिए शिमला, चंडीगढ़ और देहरादून का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब यह सुविधा जिला मुख्यालय नाहन में ही उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
इनसेट-
जागरूकता और गोपनीयता पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विशेषकर अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मरीजों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी व्यक्ति का एचआईवी टेस्ट उसकी सहमति के बिना नहीं किया जा सकता। जांच से पहले काउंसलिंग अनिवार्य है। वहीं, गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच भी करवाई जा रही है, ताकि समय रहते उपचार देकर नवजात को संक्रमण से बचाया जा सके।
रोगियों को दी जा रही बेहतर सेवाएं
विभाग की ओर से एचआईवी पॉजिटिव रोगियों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन के एआरटी सेंटर में उपचार, परामर्श और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध है। जिले में 71 मरीज उपचाराधीन हैं। इसके अलावा जागरूकता गतिविधियां भी लगातार चलाई जा रही हैं।
-डॉ. निसार अहमद, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी