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Sirmour News: यमुना तट पर घाट और मंदिर का निर्माण करें
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लोगों ने सरकार से उठाई मांग, यमुनोत्री धाम की तर्ज पर विकसित करें
बरसात में बड़ा हिस्से में हो रहा भूकटाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरूवाला (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा से सटे भगानी-भीमवाला पुल के पास यमुना तट पर घाट और मंदिर निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग उठाई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यमुना की स्वच्छता और संरक्षण के उद्देश्य से भगानी नाव घाट पुल के समीप स्थित यमुना धाम मंदिर से सटी भूमि पर स्नान घाट, हनुमान की प्रतिमा और यमुना मैया के मंदिर का निर्माण किया जाए।
स्थानीय निवासी सचिन, रमेश चंद, रोशन लाल, राहुल, महेंद्र और राकेश का कहना है कि जिस प्रकार यमुनोत्री धाम छह माह बंद और छह माह खुला रहता है, उसी तर्ज पर यहां भी छह माह के लिए धार्मिक गतिविधियों को व्यवस्थित किया जा सकता है। उन्होंने घाट और मंदिर निर्माण के साथ पुख्ता सुरक्षा प्रबंध, कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, डंगा और पुलिस गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
लोगों ने बताया कि पूर्व में भूमि का बड़ा हिस्सा नदी के कटाव की भेंट चढ़ चुका है। इससे करीब 26 बीघा जमीन को नुकसान हुआ है। बरसात में जलस्तर बढ़ने से खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा दीवार के निर्माण और सड़क को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई है। महात्मा एवं गो सेवक राजेश्वरानंद ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग की मांग की जा रही है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां स्वच्छता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। नियमित रूप से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक कथाएं हो चुकी हैं। कथावाचन का दायित्व गुरु भाई प्रकाशानंद निभा रहे हैं। यहां हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना है। इसके लिए स्थान चिह्नित कर लिया है। विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि जब प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, तो इस स्थान को यमुना धाम के रूप में विकसित किया जाएगा।
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बरसात में बड़ा हिस्से में हो रहा भूकटाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरूवाला (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा से सटे भगानी-भीमवाला पुल के पास यमुना तट पर घाट और मंदिर निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग उठाई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यमुना की स्वच्छता और संरक्षण के उद्देश्य से भगानी नाव घाट पुल के समीप स्थित यमुना धाम मंदिर से सटी भूमि पर स्नान घाट, हनुमान की प्रतिमा और यमुना मैया के मंदिर का निर्माण किया जाए।
स्थानीय निवासी सचिन, रमेश चंद, रोशन लाल, राहुल, महेंद्र और राकेश का कहना है कि जिस प्रकार यमुनोत्री धाम छह माह बंद और छह माह खुला रहता है, उसी तर्ज पर यहां भी छह माह के लिए धार्मिक गतिविधियों को व्यवस्थित किया जा सकता है। उन्होंने घाट और मंदिर निर्माण के साथ पुख्ता सुरक्षा प्रबंध, कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, डंगा और पुलिस गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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लोगों ने बताया कि पूर्व में भूमि का बड़ा हिस्सा नदी के कटाव की भेंट चढ़ चुका है। इससे करीब 26 बीघा जमीन को नुकसान हुआ है। बरसात में जलस्तर बढ़ने से खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा दीवार के निर्माण और सड़क को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई है। महात्मा एवं गो सेवक राजेश्वरानंद ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग की मांग की जा रही है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां स्वच्छता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। नियमित रूप से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक कथाएं हो चुकी हैं। कथावाचन का दायित्व गुरु भाई प्रकाशानंद निभा रहे हैं। यहां हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना है। इसके लिए स्थान चिह्नित कर लिया है। विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि जब प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, तो इस स्थान को यमुना धाम के रूप में विकसित किया जाएगा।