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Sirmour News: संक्रांति के मौके पर खुले चूड़धार मंदिर के कपाट
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चूड़धार मंदिर में पूजा अर्चना करते कमेटी सदस्य व पुजारी। स्रोत: विडियोग्रेब
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चार माह के बाद फिर गूंजा आस्था का स्वर
संवाद न्यूज एजेंसी
नौहराधार (सिरमौर)। सिरमौर में आस्था के केंद्र चूड़धार मंदिर के कपाट मंगलवार को संक्रांति के अवसर पर विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के चलते चार महीनों से मंदिर के कपाट बंद थे। अब मौसम के अनुकूल होते ही मंदिर में एक बार फिर पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया है, जिससे भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कपाट खुलने के साथ ही पारंपरिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान हुए। मंदिर समिति के सदस्यों ने मिलकर मंदिर परिसर को सजाया और भक्तों के स्वागत की तैयारियां पूरी कीं। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और जय श्री शिरगुल महाराज के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
सनद रहे कि चूड़धार मंदिर, जो समुद्र तल से लगभग 11,985 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। हर वर्ष सर्दियों में भारी हिमपात के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और गर्मियों की शुरुआत के साथ इन्हें पुन: खोल दिया जाता है। कपाट खुलने के साथ ही अब यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही दर्शन के लिए आएं और आवश्यक सावधानियां बरतें। चूड़ेश्वर इकाई के इंचार्ज बाबू राम ने बताया कि अभी मंदिर परिसर और आसपास करीब तीन से चार फिट बर्फ है। ऐसे में लोग 15, 20 दिनों बाद ही यहां की यात्रा करें।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नौहराधार (सिरमौर)। सिरमौर में आस्था के केंद्र चूड़धार मंदिर के कपाट मंगलवार को संक्रांति के अवसर पर विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के चलते चार महीनों से मंदिर के कपाट बंद थे। अब मौसम के अनुकूल होते ही मंदिर में एक बार फिर पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया है, जिससे भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कपाट खुलने के साथ ही पारंपरिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान हुए। मंदिर समिति के सदस्यों ने मिलकर मंदिर परिसर को सजाया और भक्तों के स्वागत की तैयारियां पूरी कीं। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और जय श्री शिरगुल महाराज के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
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सनद रहे कि चूड़धार मंदिर, जो समुद्र तल से लगभग 11,985 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। हर वर्ष सर्दियों में भारी हिमपात के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और गर्मियों की शुरुआत के साथ इन्हें पुन: खोल दिया जाता है। कपाट खुलने के साथ ही अब यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही दर्शन के लिए आएं और आवश्यक सावधानियां बरतें। चूड़ेश्वर इकाई के इंचार्ज बाबू राम ने बताया कि अभी मंदिर परिसर और आसपास करीब तीन से चार फिट बर्फ है। ऐसे में लोग 15, 20 दिनों बाद ही यहां की यात्रा करें।

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