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Sirmour News: चेक बाउंस मामले में दोषी की अपील खारिज, तीन माह की सजा बरकरार
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में पांवटा साहिब के दोषी जसवंत सिंह की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत के जून 2025 में दिए दोषसिद्धि और सजा के आदेश को बरकरार रखा है।
मामला परमजीत वर्मा बनाम जसवंत सिंह से संबंधित है। आरोपी ने वर्ष 2018 में अलग-अलग तारीखों पर चार लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए आरोपी ने दो लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद 30 जून 2025 को निचली अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन माह के कारावास और 3.20 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। अपील में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसने कथित रकम वापस कर दी थी। अदालत ने पाया कि आरोपी के बयानों में विरोधाभास थे। अदालत ने कहा कि निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।
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नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में पांवटा साहिब के दोषी जसवंत सिंह की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत के जून 2025 में दिए दोषसिद्धि और सजा के आदेश को बरकरार रखा है।
मामला परमजीत वर्मा बनाम जसवंत सिंह से संबंधित है। आरोपी ने वर्ष 2018 में अलग-अलग तारीखों पर चार लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए आरोपी ने दो लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया।
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इसके बाद 30 जून 2025 को निचली अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन माह के कारावास और 3.20 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। अपील में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसने कथित रकम वापस कर दी थी। अदालत ने पाया कि आरोपी के बयानों में विरोधाभास थे। अदालत ने कहा कि निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।
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