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Sirmour News: अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें, अल्ट्रासाउंड न होने से बढ़ी परेशानी
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मेडिकल कॉलेज की ऑर्थो ओपीडी में उपचार के इंतजार में मरीज और तीमारदार। संवाद
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दो दिन के अवकाश के बाद मेडिकल कॉलेज में 1250 पहुंची ओपीडी, मेडिसिन, आर्थो और स्किन में सबसे ज्यादा मरीज
मेडिसिन में 271, ऑर्थो में 152 और बाल ओपीडी में पहुंचे 127 मरीज
पंजीकरण काउंटर से ओपीडी तक लगी कतारें, दूरदराज से आए मरीज हुए परेशान
बारिश और मौसम परिवर्तन में दूषित पानी से जलजनित रोगों का खतरा बढ़ने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। दो दिन के अवकाश के बाद डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सोमवार को मरीजों की भीड़ जुटी। अस्पताल की ओपीडी करीब 1250 तक पहुंच गई। सुबह से ही विभागों की ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। इससे दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग में पहुंचे। यहां 271 मरीजों ने उपचार करवाया। इसके अलावा ऑर्थो ओपीडी में 152, स्किन ओपीडी में 111, गायनी में 120 और बाल ओपीडी में 127 मरीजों का उपचार किया गया। अन्य विभागों में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे। दो दिन के अवकाश के बाद एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुंचने से पंजीकरण काउंटर और ओपीडी के बाहर भीड़ लगी रही।
मौसम बदलने से वायरल और जलजनित रोगों का खतरा
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राघव ने बताया कि इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव के चलते वायरल संक्रमण और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों में वायरल संक्रमण से संबंधित लक्षण देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश और मौसम परिवर्तन के दौरान दूषित पानी के कारण जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को पानी उबालकर पीना चाहिए और खानपान में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बुखार, उल्टी-दस्त, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए।
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अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं होने से बढ़ी परेशानी
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ के बीच अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध नहीं होने से भी परेशानी बढ़ गई है। जरूरत पड़ने पर कई मरीजों को निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासकर दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल में जांच सुविधा उपलब्ध न होने पर निजी संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज में करीब 1250 की ओपीडी रही। दो दिन के अवकाश के बाद बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे। मरीजों को चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध करवाने के साथ स्वास्थ्य देखभाल और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
-डॉ. संगीत ढिल्लों, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज नाहन
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मेडिसिन में 271, ऑर्थो में 152 और बाल ओपीडी में पहुंचे 127 मरीज
पंजीकरण काउंटर से ओपीडी तक लगी कतारें, दूरदराज से आए मरीज हुए परेशान
बारिश और मौसम परिवर्तन में दूषित पानी से जलजनित रोगों का खतरा बढ़ने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। दो दिन के अवकाश के बाद डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सोमवार को मरीजों की भीड़ जुटी। अस्पताल की ओपीडी करीब 1250 तक पहुंच गई। सुबह से ही विभागों की ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। इससे दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग में पहुंचे। यहां 271 मरीजों ने उपचार करवाया। इसके अलावा ऑर्थो ओपीडी में 152, स्किन ओपीडी में 111, गायनी में 120 और बाल ओपीडी में 127 मरीजों का उपचार किया गया। अन्य विभागों में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे। दो दिन के अवकाश के बाद एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुंचने से पंजीकरण काउंटर और ओपीडी के बाहर भीड़ लगी रही।
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मौसम बदलने से वायरल और जलजनित रोगों का खतरा
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राघव ने बताया कि इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव के चलते वायरल संक्रमण और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों में वायरल संक्रमण से संबंधित लक्षण देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश और मौसम परिवर्तन के दौरान दूषित पानी के कारण जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को पानी उबालकर पीना चाहिए और खानपान में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बुखार, उल्टी-दस्त, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए।
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अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं होने से बढ़ी परेशानी
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ के बीच अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध नहीं होने से भी परेशानी बढ़ गई है। जरूरत पड़ने पर कई मरीजों को निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासकर दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल में जांच सुविधा उपलब्ध न होने पर निजी संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज में करीब 1250 की ओपीडी रही। दो दिन के अवकाश के बाद बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे। मरीजों को चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध करवाने के साथ स्वास्थ्य देखभाल और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
-डॉ. संगीत ढिल्लों, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज नाहन