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Sirmour News: पत्नी की हत्या और सबूत मिटाने के मामले में आरोपी पति को किया बरी
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अदालत
-अदालत ने सुनाया फैसला, मोगीनंद में जनवरी 2023 की एक रात को सामने आया था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने पत्नी की कथित तौर पर हत्या करने और बिना किसी सूचना के उसका अंतिम संस्कार कर सबूत मिटाने के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने आरोपी राजेश कुमार यादव को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का रहने वाला राजेश कुमार यादव साल 2022 में अपनी पत्नी श्यामा देवी के साथ कालाअंब (मोगीनंद) में रहने आया था। शादी के कई साल बाद भी संतान न होने के कारण उनके बीच अक्सर विवाद रहता था। आरोप था कि जनवरी 2023 की एक रात राजेश ने अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और ससुराल पक्ष को बताए बिना चुपचाप मारकंडा नदी के किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया ताकि सबूत मिटाया जा सके।
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए कई मुख्य गवाह अदालत में अपने बयानों से मुकर गए। मकान मालिक वकील मोहम्मद और पड़ोसियों ने अदालत में कहा कि पति-पत्नी के संबंध बहुत अच्छे थे और महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, जिसके बाद सार्वजनिक तौर पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। फोरेंसिक रिपोर्ट और हड्डियों के अवशेषों से मौत के सही कारणों (गला घोंटने) की पुष्टि नहीं हो सकी क्योंकि शव पूरी तरह जल चुका था।
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यह बात भी सामने आई कि प्रेम विवाह होने के कारण लड़की के परिवार ने सालों पहले उससे संबंध तोड़ लिए थे, जिसके कारण उन्हें घटना की तुरंत जानकारी नहीं मिल सकी थी।
-अदालत ने सुनाया फैसला, मोगीनंद में जनवरी 2023 की एक रात को सामने आया था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने पत्नी की कथित तौर पर हत्या करने और बिना किसी सूचना के उसका अंतिम संस्कार कर सबूत मिटाने के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने आरोपी राजेश कुमार यादव को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का रहने वाला राजेश कुमार यादव साल 2022 में अपनी पत्नी श्यामा देवी के साथ कालाअंब (मोगीनंद) में रहने आया था। शादी के कई साल बाद भी संतान न होने के कारण उनके बीच अक्सर विवाद रहता था। आरोप था कि जनवरी 2023 की एक रात राजेश ने अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और ससुराल पक्ष को बताए बिना चुपचाप मारकंडा नदी के किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया ताकि सबूत मिटाया जा सके।
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सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए कई मुख्य गवाह अदालत में अपने बयानों से मुकर गए। मकान मालिक वकील मोहम्मद और पड़ोसियों ने अदालत में कहा कि पति-पत्नी के संबंध बहुत अच्छे थे और महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, जिसके बाद सार्वजनिक तौर पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। फोरेंसिक रिपोर्ट और हड्डियों के अवशेषों से मौत के सही कारणों (गला घोंटने) की पुष्टि नहीं हो सकी क्योंकि शव पूरी तरह जल चुका था।
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