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Sirmour News: अदालत, महोदय हरियाणा के लिए भी जरूरी..
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14.99 लाख की वसूली मामले में ट्रायल
कोर्ट का फैसला बरकरार, अपील खारिज
- 2011 में नाहन के कून मौजा में भूमि सौदे का मामला, हरियाणा की महिला को मिली राहत
- साल 2020 में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को 14.99 लाख रुपये ब्याज सहित देने का दिया था आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)।
जिला न्यायालय ने एक दीवानी अपील में फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए हरियाणा की सुखविंद्र कौर को 14.99 लाख रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। यह राशि नाहन निवासी सुभाष चंद को भुगतान करनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने 18 जनवरी 2020 को ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील को खारिज कर दिया।
यह मामला वर्ष 2011 में नाहन के कून मौजा क्षेत्र में 20 बीघा भूमि सौदे से जुड़ा है। इसमें मूल वादी जरनैल सिंह (अंबाला शहर, हरियाणा) ने आरोप लगाया था कि सुभाष चंद ने जमीन बेचने का समझौता किया और उससे 12 लाख बतौर बयाना (एडवांस) तथा बाद में अन्य रकम प्राप्त की, लेकिन तय शर्तों के अनुसार रजिस्ट्री नहीं करवाई। वादी ने कुल 14.99 लाख रुपये की वसूली के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर वादी के पक्ष में आंशिक निर्णय देते हुए उक्त राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए सुभाष चंद ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की। दलील दी गई कि कोई वैध समझौता नहीं हुआ था और दस्तावेज धोखे से तैयार किए गए थे। हालांकि, जिला न्यायाधीश योगेश जसवाल ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन करने के बाद पाया कि जमीन बिक्री का समझौता विधिवत हुआ था। बयाना राशि का भुगतान साबित हुआ है और प्रतिवादी अपने दावों को साबित करने में असफल रहा। अदालत ने यह भी माना कि नोटरी और अन्य गवाहों की गवाही विश्वसनीय है, जिससे समझौते की पुष्टि होती है। इस फैसले से वादी पक्ष को बड़ी कानूनी जीत मिली है।
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कोर्ट का फैसला बरकरार, अपील खारिज
- 2011 में नाहन के कून मौजा में भूमि सौदे का मामला, हरियाणा की महिला को मिली राहत
- साल 2020 में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को 14.99 लाख रुपये ब्याज सहित देने का दिया था आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)।
जिला न्यायालय ने एक दीवानी अपील में फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए हरियाणा की सुखविंद्र कौर को 14.99 लाख रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। यह राशि नाहन निवासी सुभाष चंद को भुगतान करनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने 18 जनवरी 2020 को ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील को खारिज कर दिया।
यह मामला वर्ष 2011 में नाहन के कून मौजा क्षेत्र में 20 बीघा भूमि सौदे से जुड़ा है। इसमें मूल वादी जरनैल सिंह (अंबाला शहर, हरियाणा) ने आरोप लगाया था कि सुभाष चंद ने जमीन बेचने का समझौता किया और उससे 12 लाख बतौर बयाना (एडवांस) तथा बाद में अन्य रकम प्राप्त की, लेकिन तय शर्तों के अनुसार रजिस्ट्री नहीं करवाई। वादी ने कुल 14.99 लाख रुपये की वसूली के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर वादी के पक्ष में आंशिक निर्णय देते हुए उक्त राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए सुभाष चंद ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की। दलील दी गई कि कोई वैध समझौता नहीं हुआ था और दस्तावेज धोखे से तैयार किए गए थे। हालांकि, जिला न्यायाधीश योगेश जसवाल ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन करने के बाद पाया कि जमीन बिक्री का समझौता विधिवत हुआ था। बयाना राशि का भुगतान साबित हुआ है और प्रतिवादी अपने दावों को साबित करने में असफल रहा। अदालत ने यह भी माना कि नोटरी और अन्य गवाहों की गवाही विश्वसनीय है, जिससे समझौते की पुष्टि होती है। इस फैसले से वादी पक्ष को बड़ी कानूनी जीत मिली है।
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