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Sirmour News: बेटी की जिंदगी बचाने के लिए पिता ने बेच दी जमीन, अब खर्च उठाने में बेबस
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-अब ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे जिंदगी, मदद को आगे आए समाजसेवी
-लोगों और सरकार से की मदद की गुहार, हर रोज खर्च हो रहे 2500 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। पांवटा साहिब के गोरखूवाला गांव की 21 वर्षीय पायल की जिंदगी बचाने की मुहिम अब तेज हो रही है। गंभीर फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही पायल इस समय अपनी हर सांस के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर पर निर्भर है। पांवटा साहिब में अलमाइटी ब्लेसिंग्स एनजीओ के बैनर तले जिंदगी रिटर्न्स ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव शर्मा, मजदूर नेता प्रदीप चौहान और पायल के पिता गोपाल सिंह के साझा प्रयास जारी हैं।
पिता गोपाल सिंह ने भावुक होकर बताया कि वह पेशे से एक साधारण ट्रैक्टर ड्राइवर हैं, लेकिन बेटी के इलाज के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी और उसकी शादी के लिए जो कुछ राशि जोड़ कर रखी थी, वह भी इलाज में खर्च कर दी है।
उन्होंने कहा कि हर दिन 2500 रुपये के ऑक्सीजन सिलिंडर का खर्च उठाना अब उनके बस से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में उन्होंने समाज व सरकार से अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई है। मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने बताया कि किसी दवाई के रिएक्शन के कारण पायल के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो गया। इसका असर किडनी और लिवर तक पहुंच गया। डॉक्टरों के अनुसार पायल को अभी कम से कम 6 महीनों तक लगातार ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत रहेगी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अब तक करीब 40,000 रुपये का जनसहयोग मिला है। इससे फिलहाल कुछ दिनों तक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था हो पाई है, लेकिन आगे की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण है। वहीं जिंदगी रिटर्न्स ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि पायल की जिंदगी बचाने के लिए सबसे जरूरी निरंतर ऑक्सीजन सपोर्ट है। इस संबंध में जब शिमला के समाजसेवी सर्वजीत सिंह बॉबी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए करीब 1.5 लाख रुपये की लागत वाली दो ऑक्सीजन मशीनें संस्था को भेंट कीं हैं।
समाजसेवी एवं युवा कारोबारी नितिन शर्मा ने इनवर्टर देने की घोषणा की, ताकि बिजली कटौती के दौरान भी ऑक्सीजन सपोर्ट बाधित न हो।
संजीव शर्मा और प्रदीप चौहान ने कहा कि पायल सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल की बेटी है। ऐसे में समाज के हर वर्ग को आगे आकर उसकी मदद करनी चाहिए।
संवाद
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-लोगों और सरकार से की मदद की गुहार, हर रोज खर्च हो रहे 2500 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। पांवटा साहिब के गोरखूवाला गांव की 21 वर्षीय पायल की जिंदगी बचाने की मुहिम अब तेज हो रही है। गंभीर फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही पायल इस समय अपनी हर सांस के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर पर निर्भर है। पांवटा साहिब में अलमाइटी ब्लेसिंग्स एनजीओ के बैनर तले जिंदगी रिटर्न्स ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव शर्मा, मजदूर नेता प्रदीप चौहान और पायल के पिता गोपाल सिंह के साझा प्रयास जारी हैं।
पिता गोपाल सिंह ने भावुक होकर बताया कि वह पेशे से एक साधारण ट्रैक्टर ड्राइवर हैं, लेकिन बेटी के इलाज के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी और उसकी शादी के लिए जो कुछ राशि जोड़ कर रखी थी, वह भी इलाज में खर्च कर दी है।
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उन्होंने कहा कि हर दिन 2500 रुपये के ऑक्सीजन सिलिंडर का खर्च उठाना अब उनके बस से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में उन्होंने समाज व सरकार से अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई है। मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने बताया कि किसी दवाई के रिएक्शन के कारण पायल के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो गया। इसका असर किडनी और लिवर तक पहुंच गया। डॉक्टरों के अनुसार पायल को अभी कम से कम 6 महीनों तक लगातार ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत रहेगी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अब तक करीब 40,000 रुपये का जनसहयोग मिला है। इससे फिलहाल कुछ दिनों तक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था हो पाई है, लेकिन आगे की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण है। वहीं जिंदगी रिटर्न्स ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि पायल की जिंदगी बचाने के लिए सबसे जरूरी निरंतर ऑक्सीजन सपोर्ट है। इस संबंध में जब शिमला के समाजसेवी सर्वजीत सिंह बॉबी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए करीब 1.5 लाख रुपये की लागत वाली दो ऑक्सीजन मशीनें संस्था को भेंट कीं हैं।
समाजसेवी एवं युवा कारोबारी नितिन शर्मा ने इनवर्टर देने की घोषणा की, ताकि बिजली कटौती के दौरान भी ऑक्सीजन सपोर्ट बाधित न हो।
संजीव शर्मा और प्रदीप चौहान ने कहा कि पायल सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल की बेटी है। ऐसे में समाज के हर वर्ग को आगे आकर उसकी मदद करनी चाहिए।
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