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Sirmour News: अदालत 3
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पत्नी के इलाज के लिए दोस्त से लिए थे पैसे
चेक बाउंस होने पर मिली दो साल की सजा
- साल 2020 का मामला, दोषी ने उधार लिए थे 50 हजार रुपये, अब 1 लाख मुआवजा देने का भी आदेश
- न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल तिवारी ने सुनाया फैसला
नाहन (सिरमौर)। करीब छह साल पहले पत्नी के इलाज के लिए एक व्यक्ति को ऋण लेना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी जोगिंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल तिवारी ने यह फैसला सुनाया।
यह मामला साल 2020 का है। शिकायतकर्ता बीजा राम ने अदालत को बताया कि तहसील पांवटा साहिब निवासी जोगिंद्र सिंह ने दिसंबर महीने में अपनी पत्नी के इलाज के लिए 50,000 रुपये उधार लिए थे, लेकिन आरोपी देनदारी को चुकाने में विफल रहा। उसने 50 हजार की राशि चुकाने के लिए शिकायतकर्ता को एक चेक जारी किया। 9 मार्च 2021 को बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा और शिकायतकर्ता ने मामले को संदेह से परे सिद्ध किया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
संवाद
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चेक बाउंस होने पर मिली दो साल की सजा
- साल 2020 का मामला, दोषी ने उधार लिए थे 50 हजार रुपये, अब 1 लाख मुआवजा देने का भी आदेश
- न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल तिवारी ने सुनाया फैसला
नाहन (सिरमौर)। करीब छह साल पहले पत्नी के इलाज के लिए एक व्यक्ति को ऋण लेना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी जोगिंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल तिवारी ने यह फैसला सुनाया।
यह मामला साल 2020 का है। शिकायतकर्ता बीजा राम ने अदालत को बताया कि तहसील पांवटा साहिब निवासी जोगिंद्र सिंह ने दिसंबर महीने में अपनी पत्नी के इलाज के लिए 50,000 रुपये उधार लिए थे, लेकिन आरोपी देनदारी को चुकाने में विफल रहा। उसने 50 हजार की राशि चुकाने के लिए शिकायतकर्ता को एक चेक जारी किया। 9 मार्च 2021 को बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
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इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा और शिकायतकर्ता ने मामले को संदेह से परे सिद्ध किया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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