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Sirmour News: पांवटा में जर्जर सड़कों से हादसों का खतरा

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:58 PM IST
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Danger of accidents due to dilapidated roads in Paonta
पांवटा साहिब के ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क। संवाद
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गड्ढों, धूल-मिट्टी से आवागमन में हो रही परेशानी

20 वर्ष बाद भी पक्की नहीं हो पाईं क्षेत्र की तीन प्रमुख सड़कें
कई जगह गड्ढे और सड़कें धंसी, स्कूली बच्चों और दोपहिया चालकों को सबसे अधिक दिक्कत
बाढ़ से क्षतिग्रस्त मार्ग अब तक दुरुस्त नहीं, ग्रामीणों को तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही
आदेश शर्मा

पुरूवाला (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा साहिब के कई ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर सफर जोखिमभरा है। जगह-जगह सड़क उखड़ने, बड़े-बड़े गड्ढे और धूल-मिट्टी उड़ने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों से रोजाना गुजरने वाले राहगीर, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक खास तौर पर दिक्कतें झेल रहे हैं।
पुरूवाला-नघेता–बनौर सड़क, टौंरु भैला-किल्लौड़ मार्ग, बांगरण-शमशेरगढ़, कोटड़ी व्यास-माजरा और पुरूवाला-खोड़ोवाला-गोजर सड़क की हालत खराब हो चुकी है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे उखड़ गए हैं और गहरे गड्ढे बन गए हैं। कुछ जगहों पर सड़क के किनारे धंसने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
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कंडेला पंचायत के निवासी अमित, चरण, संतराम, नीटू, रघुवीर और बलबीर ने बताया कि वर्ष 2006 में निर्मित राजपुर-कंडेला, कंडेला से पुरूवाला और सालवाला सड़क करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज तक पूरी तरह पक्की नहीं हो सकी है। करीब 20 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क की स्थिति जर्जर बनी हुई है।
गुलाब सिंह, रमेश चंद, देवराज और जयप्रकाश का कहना है कि खराब सड़कों के कारण रोजाना लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में सड़कें और अधिक खतरनाक हो जाती हैं। इससे फिसलन और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
पुरूवाला-नघेता-बनौर मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली और कॉलेज के छात्र-छात्राएं गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण उन्हें सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार छात्र-छात्राएं और अन्य लोग मोटरसाइकिल से स्कूल, उद्योग या बाजार जाते समय गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
बांगरण से शमशेरगढ़ जाने वाला करीब दो किलोमीटर लंबा मार्ग पिछले वर्ष आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। इसके कारण ग्रामीणों को शमशेरगढ़, डोरियोंवाला और राजबन जाने के लिए करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी अधिक खपत हो रही है।
कोटड़ी व्यास से माजरा जाने वाली सड़क भी काफी जर्जर हो चुकी है। आयुर्वेदिक केंद्र के पास नाली जाम रहने और सड़क उखड़ने के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि क्षेत्र की जर्जर सड़कों की जल्द मरम्मत और टारिंग करवाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम हो सके।
बजट के अभाव में कुछ काम लंबित हैं। पुरूवाला-खोड़ोवाला सड़क के लिए करीब 65 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। जल्द ही टारिंग शुरू की जाएगी। अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
-रामभज तोमर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग

पांवटा साहिब के ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क। संवाद

पांवटा साहिब के ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क। संवाद

पांवटा साहिब के ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क। संवाद

पांवटा साहिब के ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क। संवाद

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