{"_id":"69b2afb13bf2196f920d1143","slug":"expedite-the-construction-of-kotli-sanohat-drena-road-nahan-news-c-177-1-nhn1002-173862-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: कोटली-सनोहत-ड्रेना सड़क का निर्माण तेज करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: कोटली-सनोहत-ड्रेना सड़क का निर्माण तेज करें
विज्ञापन
शिमला में प्रधान मुख्य अरण्यपाल को सम्मानित करते व ज्ञापन देते राजगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण। स्रो
विज्ञापन
ग्रामीणों ने शिमला में प्रधान मुख्य अरण्यपाल से उठाया मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। नेरी कोटली पंचायत के लोगों ने कोटली-सनोहत-ड्रेना सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। इस संबंध में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल शिमला में प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) एवं नोडल अधिकारी (एफसीए) डॉ. संजय सूद (आईएफएस) से मिला और मामला उठाया।
राज कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोटली, सनोहत और ड्रेना गांव आजादी के 79 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों तक प्रस्तावित सड़क मार्ग में वन विभाग की भूमि आती है, जिसके लिए विभाग की अनापत्ति आवश्यक है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि विशेषकर मरीजों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। आपात स्थिति में मरीजों को पैदल या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान मुख्य अरण्यपाल से वन भूमि से संबंधित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करवाने का आग्रह किया, ताकि सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो सके और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
डॉ. संजय सूद ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले में आवश्यक औपचारिकताओं की समीक्षा कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पृथ्वीराज, भाग सिंह, राजेश, शमशेर, अखिल, कुलदीप, जगमेश और कपिल आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। नेरी कोटली पंचायत के लोगों ने कोटली-सनोहत-ड्रेना सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। इस संबंध में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल शिमला में प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) एवं नोडल अधिकारी (एफसीए) डॉ. संजय सूद (आईएफएस) से मिला और मामला उठाया।
राज कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोटली, सनोहत और ड्रेना गांव आजादी के 79 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों तक प्रस्तावित सड़क मार्ग में वन विभाग की भूमि आती है, जिसके लिए विभाग की अनापत्ति आवश्यक है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि विशेषकर मरीजों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। आपात स्थिति में मरीजों को पैदल या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान मुख्य अरण्यपाल से वन भूमि से संबंधित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करवाने का आग्रह किया, ताकि सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो सके और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
डॉ. संजय सूद ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले में आवश्यक औपचारिकताओं की समीक्षा कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पृथ्वीराज, भाग सिंह, राजेश, शमशेर, अखिल, कुलदीप, जगमेश और कपिल आदि मौजूद रहे।