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Sirmour News: सरकारी स्कूल के बच्चों की उंगलियों पर होगी अब दुनिया
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भांभी भनौत स्कूल में स्मार्ट कक्षा के संचालन मौके पर शिक्षक व विद्यार्थी। संवाद
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सचित्र--
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। राजकीय माध्यमिक पाठशाला भांभी भनौत में आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है। विद्यालय में एटी इंडिया एलआईसीएचएफएल नामक एनजीओ की ओर से 75 इंच का अत्याधुनिक डिजिटल पैनल सिस्टम स्थापित किया गया है, जो बच्चों के सीखने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।
डिजिटल पैनल के आने से शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार होगा। अब शिक्षक कठिन विषयों को विजुअल्स और ऑडियो के माध्यम से समझा सकेंगे, जिससे छात्र खेल-खेल में जटिल सिद्धांतों को समझ पाएंगे।
इस डिजिटल पैनल की सबसे बड़ी खूबी इसकी 4 के रेजोल्यूशन है, जिससे कक्षा में सबसे पीछे बैठा छात्र भी चमकती रोशनी के बावजूद स्क्रीन पर लिखे हर अक्षर को साफ देख सकेगा। शिक्षक इसे एक स्विस आर्मी नाइफ की तरह इस्तेमाल करेंगे, जिसमें पीडीएफ, लाइव वेबसाइट और वीडियो पर तुरंत नोट्स (एनोटेशन) लिखकर उन्हें छात्रों के साथ साझा करने की सुविधा होगी।
-- -बाक्स
इन खूबियों से लैस हुई नई डिजिटल पाठशाला
इस डिजिटल पैनल के स्थापित होने के बाद बोर्ड पर एक साथ कई छात्र गणित के सवाल हल कर सकेंगे और चित्र बना सकेंगे। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए स्क्रीन पर ही शैक्षिक खेल और प्रश्नोत्तरी का आयोजन होगा। नोट्स और असाइनमेंट अब क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल रूप में मिलेंगे, जिससे कागज की बर्बादी रुकेगी। यही नहीं, देखकर, सुनकर और छूकर सीखने की प्रक्रिया से बच्चों की याद रखने की क्षमता बढ़ेगी।
विद्यालय के प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि इस पहल से न केवल छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी निजी स्कूलों के समकक्ष आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। विद्यालय प्रभारी सुभाष शर्मा ने विद्यालय परिवार और स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से एनजीओ का विशेष आभार प्रकट किया है।
-- -- संवाद
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पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। राजकीय माध्यमिक पाठशाला भांभी भनौत में आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है। विद्यालय में एटी इंडिया एलआईसीएचएफएल नामक एनजीओ की ओर से 75 इंच का अत्याधुनिक डिजिटल पैनल सिस्टम स्थापित किया गया है, जो बच्चों के सीखने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।
डिजिटल पैनल के आने से शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार होगा। अब शिक्षक कठिन विषयों को विजुअल्स और ऑडियो के माध्यम से समझा सकेंगे, जिससे छात्र खेल-खेल में जटिल सिद्धांतों को समझ पाएंगे।
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इस डिजिटल पैनल की सबसे बड़ी खूबी इसकी 4 के रेजोल्यूशन है, जिससे कक्षा में सबसे पीछे बैठा छात्र भी चमकती रोशनी के बावजूद स्क्रीन पर लिखे हर अक्षर को साफ देख सकेगा। शिक्षक इसे एक स्विस आर्मी नाइफ की तरह इस्तेमाल करेंगे, जिसमें पीडीएफ, लाइव वेबसाइट और वीडियो पर तुरंत नोट्स (एनोटेशन) लिखकर उन्हें छात्रों के साथ साझा करने की सुविधा होगी।
इन खूबियों से लैस हुई नई डिजिटल पाठशाला
इस डिजिटल पैनल के स्थापित होने के बाद बोर्ड पर एक साथ कई छात्र गणित के सवाल हल कर सकेंगे और चित्र बना सकेंगे। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए स्क्रीन पर ही शैक्षिक खेल और प्रश्नोत्तरी का आयोजन होगा। नोट्स और असाइनमेंट अब क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल रूप में मिलेंगे, जिससे कागज की बर्बादी रुकेगी। यही नहीं, देखकर, सुनकर और छूकर सीखने की प्रक्रिया से बच्चों की याद रखने की क्षमता बढ़ेगी।
विद्यालय के प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि इस पहल से न केवल छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी निजी स्कूलों के समकक्ष आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। विद्यालय प्रभारी सुभाष शर्मा ने विद्यालय परिवार और स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से एनजीओ का विशेष आभार प्रकट किया है।