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Sirmour News: मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज परेशान
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मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार लिए खड़े और बैठे मरीज व तीमारदार। संवाद
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-अस्पताल में दो चिकित्सकों के कंधों पर ओपीडी और वार्ड में सेवाओं का जिम्मा
-ओपीडी में मरीजों की लग रहीं लंबी कतारें, घंटों करना पड़ रहा इंतजार
-तीन डाॅक्टरों के मेडिकल अवकाश पर होने से और बढ़ गई समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन के मेडिसिन विभाग में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गईं हैं। विभाग में चिकित्सकों की कमी के चलते ओपीडी और वार्ड की जिम्मेदारी केवल दो डॉक्टरों के कंधों पर आ गई है। इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।
दरअसल, मेडिसिन विभाग के तीन चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर हैं, जबकि एक डॉक्टर नाइट ड्यूटी रहती है। ऐसे में सीमित स्टाफ के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रहीं हैं। मेडिसिन विभाग में रोजाना करीब 200 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण समय पर सभी को देख पाना संभव नहीं हो पा रहा।
मौसम में बदलाव के चलते बुखार, सर्दी और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। इससे अस्पताल में भीड़ और बढ़ गई है। वीरवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। ओपीडी में केवल एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा था। जबकि दूसरे ने 12 बजे तक वार्ड में सेवाएं दीं। इसके बाद ओपीडी में मरीजों को देखा। ऐसे में खासकर दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को उपचार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
कलसेर के कुलदीप ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी उनका नंबर नहीं आया। वहीं, नेहर स्वार की सविता ने बताया कि उन्हें तेज बुखार है और वह सुबह बस से अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन दोपहर एक बजे तक भी इलाज नहीं मिल सका, जिससे उन्हें वापसी को लेकर चिंता सताने लगी। अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण न केवल मरीज बल्कि चिकित्सक भी परेशान नजर आए। लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद यहां पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं।
गौरतलब है कि मेडिसिन विभाग में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) की सुविधा भी नहीं है और विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद रिक्त पड़े हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो रही है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि तीन चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर हैं। एक डॉक्टर नाइट ऑफ पर गया है। साथ ही वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल भी करनी पड़ रही है, जिसके चलते ओपीडी में भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है। संवाद
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-ओपीडी में मरीजों की लग रहीं लंबी कतारें, घंटों करना पड़ रहा इंतजार
-तीन डाॅक्टरों के मेडिकल अवकाश पर होने से और बढ़ गई समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन के मेडिसिन विभाग में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गईं हैं। विभाग में चिकित्सकों की कमी के चलते ओपीडी और वार्ड की जिम्मेदारी केवल दो डॉक्टरों के कंधों पर आ गई है। इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।
दरअसल, मेडिसिन विभाग के तीन चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर हैं, जबकि एक डॉक्टर नाइट ड्यूटी रहती है। ऐसे में सीमित स्टाफ के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रहीं हैं। मेडिसिन विभाग में रोजाना करीब 200 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण समय पर सभी को देख पाना संभव नहीं हो पा रहा।
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मौसम में बदलाव के चलते बुखार, सर्दी और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। इससे अस्पताल में भीड़ और बढ़ गई है। वीरवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। ओपीडी में केवल एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा था। जबकि दूसरे ने 12 बजे तक वार्ड में सेवाएं दीं। इसके बाद ओपीडी में मरीजों को देखा। ऐसे में खासकर दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को उपचार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
कलसेर के कुलदीप ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी उनका नंबर नहीं आया। वहीं, नेहर स्वार की सविता ने बताया कि उन्हें तेज बुखार है और वह सुबह बस से अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन दोपहर एक बजे तक भी इलाज नहीं मिल सका, जिससे उन्हें वापसी को लेकर चिंता सताने लगी। अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण न केवल मरीज बल्कि चिकित्सक भी परेशान नजर आए। लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद यहां पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं।
गौरतलब है कि मेडिसिन विभाग में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) की सुविधा भी नहीं है और विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद रिक्त पड़े हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो रही है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि तीन चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर हैं। एक डॉक्टर नाइट ऑफ पर गया है। साथ ही वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल भी करनी पड़ रही है, जिसके चलते ओपीडी में भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है। संवाद

मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार लिए खड़े और बैठे मरीज व तीमारदार। संवाद