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Sirmour News: मस्जिदों में अमन-शांति और खुशहाली के लिए उठे हजारों हाथ
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जामा मस्जिद नाहन में नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग। संवाद
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-सिरमौर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया ईद-उल-फितर
-बारिश होने से ईदगाह की बजाए मस्जिदों में अदा की नमाज
संवाद न्यूज एजेसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जिले की विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान मुल्क की अमन-शांति और खुशहाली के लिए हजारों हाथ उठे।
शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने पहुंचे। जामा मस्जिद कच्चा टैंक के मौलाना अब्दुल रऊफ ने ईद की नमाज अदा करवाई। नमाज के दौरान देश में अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई। मौलाना अब्दुल रऊफ ने अपने संदेश में कहा कि रमजान का महीना इबादत, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक है, जिसके बाद आने वाली ईद-उल-फितर खुशी और भाईचारे का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें एक-दूसरे के साथ प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की सीख देता है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी नाहन के अध्यक्ष बॉबी अहमद ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण इस बार ईदगाह में नमाज अदा नहीं की जा सकी। इसके चलते शहर की विभिन्न मस्जिदों में ही नमाज अदा करने का निर्णय लिया गया। जिले में करीब 13 मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की।
उन्होंने बताया कि नाहन में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और सिख समाज के लोग भी मुस्लिम समुदाय के बीच पहुंचकर उन्हें ईद की बधाई देने आए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी। साथ ही एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयां बांटीं। नाहन के अलावा जिले के कौलांवालाभूड़, बिक्रमबाग, मिश्रवाला, पांवटा और कालाअंब में भी ईद-उल-फितर की नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी गई।
मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान कैप्टन सलीम अहमद, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शकील अहमद शेख व राज्य मुख्य सलाहकार नसीम मोहम्मद दीदान ने बताया कि ईद उल फितर का यह पर्व अमन-चैन, आस्था, भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। सोशल मीडिया पर सभी धर्मों के लोगों ने ईद पर्व की मुबारकबाद दी। संवाद
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-बारिश होने से ईदगाह की बजाए मस्जिदों में अदा की नमाज
संवाद न्यूज एजेसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जिले की विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान मुल्क की अमन-शांति और खुशहाली के लिए हजारों हाथ उठे।
शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने पहुंचे। जामा मस्जिद कच्चा टैंक के मौलाना अब्दुल रऊफ ने ईद की नमाज अदा करवाई। नमाज के दौरान देश में अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई। मौलाना अब्दुल रऊफ ने अपने संदेश में कहा कि रमजान का महीना इबादत, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक है, जिसके बाद आने वाली ईद-उल-फितर खुशी और भाईचारे का संदेश देती है।
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उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें एक-दूसरे के साथ प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की सीख देता है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी नाहन के अध्यक्ष बॉबी अहमद ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण इस बार ईदगाह में नमाज अदा नहीं की जा सकी। इसके चलते शहर की विभिन्न मस्जिदों में ही नमाज अदा करने का निर्णय लिया गया। जिले में करीब 13 मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की।
उन्होंने बताया कि नाहन में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और सिख समाज के लोग भी मुस्लिम समुदाय के बीच पहुंचकर उन्हें ईद की बधाई देने आए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी। साथ ही एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयां बांटीं। नाहन के अलावा जिले के कौलांवालाभूड़, बिक्रमबाग, मिश्रवाला, पांवटा और कालाअंब में भी ईद-उल-फितर की नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी गई।
मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान कैप्टन सलीम अहमद, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शकील अहमद शेख व राज्य मुख्य सलाहकार नसीम मोहम्मद दीदान ने बताया कि ईद उल फितर का यह पर्व अमन-चैन, आस्था, भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। सोशल मीडिया पर सभी धर्मों के लोगों ने ईद पर्व की मुबारकबाद दी। संवाद

जामा मस्जिद नाहन में नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग। संवाद