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Sirmour News: प्रदेश कार्यकारिणी में कांग्रेस नेता जीआर मुसाफिर को मिला स्थान
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कांग्रेस नेता गंगूराम मुसाफिर।
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सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जीआर मुसाफिर को स्थान मिला है। उन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है।
मुसाफिर की इस नियुक्ति से उनका पार्टी में न केवल कद बढ़ गया है, बल्कि यह साबित हो गया है कि पार्टी आला कमान पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में उनके जनाधार के महत्व को समझ गया है। वर्ष 1982 से सक्रिय राजनीति में रहने वाले जीआर मुसाफिर के साढ़े चार दशक के राजनीतिक सफर में भले ही कई उतार चढ़ाव आए हैं, लेकिन लोगों में उनकी पैठ सदैव बनी रही।
पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र से लगातार सात बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकाॅर्ड उनके नाम है। यही नहीं उन्होंने उपमंत्री, राज्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामयी पदों पर भी कार्य किया। उनका इतना लंबा राजनीतिक सफर बेदाग रहा, उन पर कभी भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे। उनकी व्यवहार कुशलता व ईमानदारी की कद्र उनके विपक्षी भी करते रहे हैं।
उन्होंने गत चुनाव में पार्टी टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने करीब 13 हजार मत हासिल करके अपनी पकड़ का परिचय दिया था। उसी के चलते कांग्रेस में उनकी वापसी हुई और अब उन्हें पार्टी में यह अहम पद मिला है, जिससे स्पष्ट संकेत मिल रहे है कि कांग्रेस के पास पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में उनके कद का कोई नेता नहीं है और वही पार्टी को यहां मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जीआर मुसाफिर को स्थान मिला है। उन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है।
मुसाफिर की इस नियुक्ति से उनका पार्टी में न केवल कद बढ़ गया है, बल्कि यह साबित हो गया है कि पार्टी आला कमान पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में उनके जनाधार के महत्व को समझ गया है। वर्ष 1982 से सक्रिय राजनीति में रहने वाले जीआर मुसाफिर के साढ़े चार दशक के राजनीतिक सफर में भले ही कई उतार चढ़ाव आए हैं, लेकिन लोगों में उनकी पैठ सदैव बनी रही।
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पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र से लगातार सात बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकाॅर्ड उनके नाम है। यही नहीं उन्होंने उपमंत्री, राज्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामयी पदों पर भी कार्य किया। उनका इतना लंबा राजनीतिक सफर बेदाग रहा, उन पर कभी भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे। उनकी व्यवहार कुशलता व ईमानदारी की कद्र उनके विपक्षी भी करते रहे हैं।
उन्होंने गत चुनाव में पार्टी टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने करीब 13 हजार मत हासिल करके अपनी पकड़ का परिचय दिया था। उसी के चलते कांग्रेस में उनकी वापसी हुई और अब उन्हें पार्टी में यह अहम पद मिला है, जिससे स्पष्ट संकेत मिल रहे है कि कांग्रेस के पास पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में उनके कद का कोई नेता नहीं है और वही पार्टी को यहां मजबूती प्रदान कर सकते हैं।