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Sirmour News: अब पंचायतों के माध्यम से वसूला जाएगा पानी का बिल
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-शिलाई विस की ग्राम सभाओं में जल शुल्क का मुद्दा गरमाया
-जीपीडीपी, मनरेगा और 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई विकास खंड की ग्राम सभाओं में इस बार विकास योजनाओं के साथ-साथ जल शुल्क (पानी का बिल) वसूली का मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बन गया। शनिवार को विकास खंड की करीब दस ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभा बैठकों में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), मनरेगा वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना और 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा के साथ एक नया एजेंडा भी रखा गया, जिसके तहत अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रत्येक परिवार से मासिक जल शुल्क वसूले जाने का प्रस्ताव रखा गया।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार पंचायत प्रतिनिधियों से प्रतिमाह 100 रुपये, गैर-बीपीएल परिवारों से 50 से 100 रुपये, बीपीएल परिवारों से 25 रुपये जल शुल्क लेने का प्रस्ताव ग्राम सभाओं के समक्ष रखा गया। इस प्रस्ताव पर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, यह एजेंडा पंचायती राज विभाग, हिमाचल प्रदेश के निदेशक के निर्देशों के तहत ग्राम सभाओं में शामिल किया गया है।
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में भी असमंजस और हैरानी का माहौल देखा जा रहा है। अब यह देखना होगा कि ग्राम सभाएं इस प्रस्ताव को स्वीकार करती हैं या इसके संबंध में कोई आपत्ति अथवा सुझाव दर्ज कराती हैं। ग्राम सभाओं में विकास योजनाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। आगामी वर्ष की ग्राम पंचायत विकास योजना, मनरेगा के तहत प्रस्तावित कार्यों और 16वें वित्त आयोग की विकास योजनाओं पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।
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शिलाई विकास खंड के पंचायत निरीक्षक बालक राम शर्मा ने बताया कि पंचायत सचिवों की कमी के चलते विकास खंड की 37 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा बैठकों का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले दो चरणों में 16 और 18 जुलाई को बैठकें आयोजित की गईं। तीसरे चरण में चामरा मोहराड़, कोटा पाब, कुहंठ, मानल, मिल्लाह, नाया पंजोड़, पन्दोग, रास्त, शखोली और सियासू ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं।-- -- -- -- --
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-जीपीडीपी, मनरेगा और 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई विकास खंड की ग्राम सभाओं में इस बार विकास योजनाओं के साथ-साथ जल शुल्क (पानी का बिल) वसूली का मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बन गया। शनिवार को विकास खंड की करीब दस ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभा बैठकों में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), मनरेगा वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना और 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा के साथ एक नया एजेंडा भी रखा गया, जिसके तहत अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रत्येक परिवार से मासिक जल शुल्क वसूले जाने का प्रस्ताव रखा गया।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार पंचायत प्रतिनिधियों से प्रतिमाह 100 रुपये, गैर-बीपीएल परिवारों से 50 से 100 रुपये, बीपीएल परिवारों से 25 रुपये जल शुल्क लेने का प्रस्ताव ग्राम सभाओं के समक्ष रखा गया। इस प्रस्ताव पर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, यह एजेंडा पंचायती राज विभाग, हिमाचल प्रदेश के निदेशक के निर्देशों के तहत ग्राम सभाओं में शामिल किया गया है।
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हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में भी असमंजस और हैरानी का माहौल देखा जा रहा है। अब यह देखना होगा कि ग्राम सभाएं इस प्रस्ताव को स्वीकार करती हैं या इसके संबंध में कोई आपत्ति अथवा सुझाव दर्ज कराती हैं। ग्राम सभाओं में विकास योजनाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। आगामी वर्ष की ग्राम पंचायत विकास योजना, मनरेगा के तहत प्रस्तावित कार्यों और 16वें वित्त आयोग की विकास योजनाओं पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।
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शिलाई विकास खंड के पंचायत निरीक्षक बालक राम शर्मा ने बताया कि पंचायत सचिवों की कमी के चलते विकास खंड की 37 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा बैठकों का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले दो चरणों में 16 और 18 जुलाई को बैठकें आयोजित की गईं। तीसरे चरण में चामरा मोहराड़, कोटा पाब, कुहंठ, मानल, मिल्लाह, नाया पंजोड़, पन्दोग, रास्त, शखोली और सियासू ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं।