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Sirmour News: एचजीसीटीए की बैठक में सीएएस और डीपीसी में देरी पर शिक्षकों का रोष
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पांवटा साहिब महाविद्यालय में एचजीसीटीए की बैठक के बाद अपनी मांगो को लेकर नारेबाजी करते हुए पदाध
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एमफिल, पीएचडी इंक्रीमेंट समेत लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब। राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब की स्थानीय हिमाचल गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एचजीसीटीए) इकाई की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय इकाई की अध्यक्षा डॉ. दीपाली भंडारी ने की, जबकि संचालन इकाई सचिव डॉ. जसवंत सैनी ने किया। बैठक में शिक्षकों ने कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) लंबे समय से लागू न होने और विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें वर्षों से लंबित रहने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि पात्र शिक्षक सभी निर्धारित मानदंड पूरे करने के बावजूद पदोन्नति और कॅरिअर उन्नयन से वंचित हैं, जिससे शिक्षक वर्ग का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
शिक्षकों ने कहा कि अन्य विभागों में डीपीसी की बैठकें नियमित रूप से हो रही हैं, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में लंबित मामलों के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कई बार ज्ञापन और प्रतिवेदन देने के बावजूद न तो डीपीसी आयोजित की गई और न ही सीएएस लागू किया गया। बैठक में एमफिल और पीएचडी इंक्रीमेंट सहित शिक्षकों से जुड़े अन्य लंबित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।-- -- -
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब। राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब की स्थानीय हिमाचल गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एचजीसीटीए) इकाई की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय इकाई की अध्यक्षा डॉ. दीपाली भंडारी ने की, जबकि संचालन इकाई सचिव डॉ. जसवंत सैनी ने किया। बैठक में शिक्षकों ने कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) लंबे समय से लागू न होने और विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें वर्षों से लंबित रहने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि पात्र शिक्षक सभी निर्धारित मानदंड पूरे करने के बावजूद पदोन्नति और कॅरिअर उन्नयन से वंचित हैं, जिससे शिक्षक वर्ग का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
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शिक्षकों ने कहा कि अन्य विभागों में डीपीसी की बैठकें नियमित रूप से हो रही हैं, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में लंबित मामलों के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कई बार ज्ञापन और प्रतिवेदन देने के बावजूद न तो डीपीसी आयोजित की गई और न ही सीएएस लागू किया गया। बैठक में एमफिल और पीएचडी इंक्रीमेंट सहित शिक्षकों से जुड़े अन्य लंबित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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