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Sirmour News: पच्छाद में 34 अतिक्रमणकारियों की सूची बीडीओ को भेजी
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चुनाव लड़ रहे होंगे तो होंगे बाहर, परिजन भी नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। पंचायती राज चुनावों के बीच प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों पर शिकंजा कस दिया है। पच्छाद उपमंडल की एसडीएम डॉ. प्रियंका चंद्रा ने क्षेत्र के उन 34 लोगों की सूची विकासखंड अधिकारी (बीडीओ) को सौंपी है, जिन्होंने सरकारी, कृषि या बागवानी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे कर रखे हैं। सरकार के सख्त निर्देशों के बाद अब ये 34 लोग और उनके परिवार का कोई भी सदस्य इस बार पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत नहीं आजमा सकेगा।
सरकार और प्रशासन का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में साफ-सुथरी छवि वाले प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। एसडीएम डॉ. प्रियंका चंद्रा ने बताया कि 11 मई को ही अतिक्रमण में संलिप्त लोगों की सूची बीडीओ पच्छाद को भेज दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के खिलाफ अतिक्रमण के मामले लंबित हैं या साबित हो चुके हैं, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इस जमीन स्तर के चुनाव में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है।
विकास खंड अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) को इस सूची के बारे में सूचित कर दिया गया है। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) के दौरान इन नामों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यदि इन 34 लोगों या उनके परिजनों में से किसी ने नामांकन दाखिल किया है, तो उसे नियमों के तहत रद्द कर दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। पंचायती राज चुनावों के बीच प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों पर शिकंजा कस दिया है। पच्छाद उपमंडल की एसडीएम डॉ. प्रियंका चंद्रा ने क्षेत्र के उन 34 लोगों की सूची विकासखंड अधिकारी (बीडीओ) को सौंपी है, जिन्होंने सरकारी, कृषि या बागवानी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे कर रखे हैं। सरकार के सख्त निर्देशों के बाद अब ये 34 लोग और उनके परिवार का कोई भी सदस्य इस बार पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत नहीं आजमा सकेगा।
सरकार और प्रशासन का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में साफ-सुथरी छवि वाले प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। एसडीएम डॉ. प्रियंका चंद्रा ने बताया कि 11 मई को ही अतिक्रमण में संलिप्त लोगों की सूची बीडीओ पच्छाद को भेज दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के खिलाफ अतिक्रमण के मामले लंबित हैं या साबित हो चुके हैं, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इस जमीन स्तर के चुनाव में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है।
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विकास खंड अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) को इस सूची के बारे में सूचित कर दिया गया है। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) के दौरान इन नामों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यदि इन 34 लोगों या उनके परिजनों में से किसी ने नामांकन दाखिल किया है, तो उसे नियमों के तहत रद्द कर दिया जाएगा।