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Sirmour News: जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों में नहीं मिल रहीं दवाइयां
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मधुमेह, बीपी और अन्य दवाइयों के लिए मेडिकल स्टोरों की लगानी पड़ रही दौड़
जिले में चल रहे दो अस्पताल और 87 आयुष औषधालय
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों और औषधालयों में दवाइयों की कमी से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप सहित अन्य बीमारियों की जरूरी दवाइयां न होने के कारण मरीजों को क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे एक ओर मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, वहीं विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे भी कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल नाहन, आयुर्वेदिक अस्पताल पांवटा साहिब सहित ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष औषधालयों में लंबे समय से दवाइयों की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है। मौजूदा समय में केवल कुछ काढ़े और सीमित दवाइयां ही मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मरीजों का कहना है कि वे आयुर्वेदिक उपचार पर भरोसा करते हुए नियमित रूप से अस्पतालों में उपचार लेने आते हैं, लेकिन दवाइयों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें निजी क्लीनिकों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रीतम चौहान, रमेश कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि कई बार अस्पताल पहुंचने के बावजूद दवाइयां न मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
जिले में दो आयुर्वेदिक अस्पताल और 87 आयुष औषधालय हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सरकार की ओर से इन केंद्रों में निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, लेकिन लंबे समय से सप्लाई प्रभावित होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हालांकि आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाई हैं। इससे आम लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है। लोगों ने मांग की है कि आयुर्वेदिक अस्पतालों और औषधालयों में दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में जिला आयुष अधिकारी इंदु शर्मा ने बताया कि जिन दवाइयों की सप्लाई हाल ही में प्राप्त हुई है, उन्हें संबंधित अस्पतालों और औषधालयों में शीघ्र वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी केंद्रों पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा दी जाएंगी।
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जिले में चल रहे दो अस्पताल और 87 आयुष औषधालय
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों और औषधालयों में दवाइयों की कमी से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप सहित अन्य बीमारियों की जरूरी दवाइयां न होने के कारण मरीजों को क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे एक ओर मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, वहीं विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे भी कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल नाहन, आयुर्वेदिक अस्पताल पांवटा साहिब सहित ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष औषधालयों में लंबे समय से दवाइयों की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है। मौजूदा समय में केवल कुछ काढ़े और सीमित दवाइयां ही मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मरीजों का कहना है कि वे आयुर्वेदिक उपचार पर भरोसा करते हुए नियमित रूप से अस्पतालों में उपचार लेने आते हैं, लेकिन दवाइयों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें निजी क्लीनिकों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रीतम चौहान, रमेश कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि कई बार अस्पताल पहुंचने के बावजूद दवाइयां न मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
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जिले में दो आयुर्वेदिक अस्पताल और 87 आयुष औषधालय हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सरकार की ओर से इन केंद्रों में निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, लेकिन लंबे समय से सप्लाई प्रभावित होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हालांकि आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाई हैं। इससे आम लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है। लोगों ने मांग की है कि आयुर्वेदिक अस्पतालों और औषधालयों में दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में जिला आयुष अधिकारी इंदु शर्मा ने बताया कि जिन दवाइयों की सप्लाई हाल ही में प्राप्त हुई है, उन्हें संबंधित अस्पतालों और औषधालयों में शीघ्र वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी केंद्रों पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा दी जाएंगी।