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Sirmour News: प्राकृतिक खेती से हल्दी उत्पादन बढ़ा, तारावती की आय दोगुनी

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:58 PM IST
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Natural farming boosts turmeric production, doubles Taravati's income
प्रदेश सरकार की प्रातकृतिक खेती योजना का लाभ उठाते हुए महिला किसानतारावती ने बदली परिवार की आ
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किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ कर रही प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना
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पांवटा साहिब की महिला किसान ने प्राकृतिक खेती से बढ़ाई परिवार की आय
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर केदारपुर की तारावती ने प्राकृतिक खेती से आर्थिकी मजबूत की है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की है, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी प्रेरित किया है।
तारावती ने बताया कि वह कई वर्षों से खेती कर रही हैं, लेकिन रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से उनकी भूमि की उर्वरता कम हो रही थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही थीं। उन्होंने महसूस किया कि रासायनिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो रही है और उत्पाद में भी भारी गिरावट आ रही थी।
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फिर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू की। शुरुआत में उन्होंने थोड़ी सी भूमि पर प्राकृतिक खेती का प्रयोग किया। देसी गाय के गोबर और गोमूत्र का उपयोग करके जैविक खाद बनाना और वनस्पतियों से कीटनाशक तैयार करना सीखा। पिछले वर्ष उन्होंने प्राकृतिक खेती से केवल 45 किलोग्राम हल्दी लगाई और सात क्विंटल उत्पादन हुआ। प्रदेश सरकार द्वारा यह फसल लगभग 38 हजार रुपये में खरीदी गई। रासायनिक खेती की तुलना में प्राकृतिक खेती से अधिक उत्पादन हुआ, लागत में कमी आई और हल्दी की गुणवत्ता भी बेहतर हुई।
तारावती ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने लगभग पौने दो क्विंटल हल्दी लगाई है। अनुमान है कि लगभग 22 क्विंटल उत्पादन होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उनकी आय बढ़ी है और खर्च घटा है। बता दें कि प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का उद्देश्य किसानों को रासायनिक मुक्त, कम लागत वाली और पर्यावरण-संवेदनशील खेती की ओर प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार किसानों के प्राकृतिक उत्पादों को अच्छे दाम दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसके मद्देनजर सरकार द्वारा प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं, मक्की, जौ और कच्ची हल्दी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमशः 60 रुपये, 40 रुपये, 60 रुपये और 90 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है।
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