{"_id":"697615efcfccaf0cf50ae958","slug":"no-ultrasound-facility-in-sarnha-hospital-nahan-news-c-177-1-nhn1002-170477-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: सराहां अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: सराहां अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं, मरीज परेशान
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र की 34 पंचायतों के मरीजों को नाहन–सोलन जाना पड़ रहा अल्ट्रासाउंड करवाने, बढ़ रहा खर्च
भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेता नहीं उठा पाए कोई ठोस कदम
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की 34 पंचायतों को सीधा लाभ पहुंचाने वाला सराहां सिविल अस्पताल आज भी अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधा से वंचित है। अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को जांच के लिए नाहन और सोलन जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें अतिरिक्त समय के साथ-साथ सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सराहां सिविल अस्पताल न केवल पच्छाद क्षेत्र बल्कि हरियाणा राज्य के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ नाहन, सोलन और रेणुका क्षेत्र के लोगों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। इसके बावजूद यहां अब तक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित नहीं हो पाई है। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को कई बार भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं के समक्ष उठाया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गौरतलब है कि लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप का संबंध भी पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से है। इसके बावजूद हजारों लोगों से जुड़ी इस बुनियादी सुविधा की ओर ध्यान नहीं दिया गया। यह अस्पताल सैनधार, धारटीधार और घिन्नीघाड़ क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित हो जाती है तो गरीब और ग्रामीण मरीजों का समय और पैसा दोनों बच सकता है।
क्षेत्र के निवासी तारा दत्त शर्मा, संजय टुटेजा, सोहन सिंह, पंचायत समिति सदस्य आशीष शर्मा ने बताया कि यह अस्पताल नेशनल हाईवे पर स्थित है। मरीजों को यहां पहुंचने में सुविधा रहती है। यदि सभी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध हों, तो हजारों लोगों को लाभ मिल सकता है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगना अत्यंत आवश्यक है।
बीएमओ पच्छाद डॉ. पुनीत शर्मा ने बताया कि सराहां सिविल अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं। बेहतर उपचार का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने के कारण कई बार मरीजों को नाहन और सोलन भेजना पड़ रहा है। संवाद
Trending Videos
भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेता नहीं उठा पाए कोई ठोस कदम
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की 34 पंचायतों को सीधा लाभ पहुंचाने वाला सराहां सिविल अस्पताल आज भी अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधा से वंचित है। अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को जांच के लिए नाहन और सोलन जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें अतिरिक्त समय के साथ-साथ सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सराहां सिविल अस्पताल न केवल पच्छाद क्षेत्र बल्कि हरियाणा राज्य के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ नाहन, सोलन और रेणुका क्षेत्र के लोगों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। इसके बावजूद यहां अब तक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित नहीं हो पाई है। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को कई बार भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं के समक्ष उठाया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप का संबंध भी पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से है। इसके बावजूद हजारों लोगों से जुड़ी इस बुनियादी सुविधा की ओर ध्यान नहीं दिया गया। यह अस्पताल सैनधार, धारटीधार और घिन्नीघाड़ क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित हो जाती है तो गरीब और ग्रामीण मरीजों का समय और पैसा दोनों बच सकता है।
क्षेत्र के निवासी तारा दत्त शर्मा, संजय टुटेजा, सोहन सिंह, पंचायत समिति सदस्य आशीष शर्मा ने बताया कि यह अस्पताल नेशनल हाईवे पर स्थित है। मरीजों को यहां पहुंचने में सुविधा रहती है। यदि सभी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध हों, तो हजारों लोगों को लाभ मिल सकता है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगना अत्यंत आवश्यक है।
बीएमओ पच्छाद डॉ. पुनीत शर्मा ने बताया कि सराहां सिविल अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं। बेहतर उपचार का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने के कारण कई बार मरीजों को नाहन और सोलन भेजना पड़ रहा है। संवाद