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Sirmour News: प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को बंद करने या दूसरे स्कूल में विलय के प्रस्ताव का विरोध
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एमएमसी ने उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन सौंपकर यथावत रखने की उठाई मांग
बोले, भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए किसी अन्य स्कूल में विलय करना उचित नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को बंद करने या दूसरे स्कूल में विलय करने के प्रस्ताव का एसएमसी और अभिभावकों ने विरोध किया है। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने इस संबंध में उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सिरमौर को ज्ञापन सौंपकर स्कूल को बंद या किसी अन्य स्कूल में विलय न करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल एसएमसी प्रधान अर्जुन सिंह, सदस्य हरनाम सिंह, दीपक अत्रि, विशाल पुंडीर, निशांत अत्रि, विनोद, मनदीप और आकाश अत्रि ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए किसी अन्य स्कूल में विलय करना उचित नहीं है। साथ लगते राजकीय प्राथमिक पाठशाला भेनू तक जाने वाले शॉर्टकट मार्ग पर करीब 70-80 मीटर गहरी खाई पड़ती है, जिससे छोटे बच्चों का उस रास्ते से आना-जाना बेहद जोखिम भरा है।
यदि सड़क मार्ग से बच्चों को भेनू स्कूल भेजा जाता है तो उन्हें पांच से छह किलोमीटर अतिरिक्त समय तय करना पड़ेगा। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए रोजाना इतनी दूरी तय करना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पाठशाला में पांच विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पहली कक्षा में तीन से चार नए बच्चों के दाखिले की संभावना है। इससे अप्रैल 2026 तक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर सात से आठ हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह पाठशाला करीब 70 साल पुरानी है। क्षेत्र के बच्चों की प्राथमिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र रही है। ऐसे में इसे बंद करना क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। एसएमसी और ग्रामीणों ने उपनिदेशक से मांग की है कि गांव की भौगोलिक स्थिति और संभावित नामांकन को ध्यान में रखते हुए राजकीय प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को बंद या अन्य स्कूल में विलय न किया जाए। संवाद
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बोले, भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए किसी अन्य स्कूल में विलय करना उचित नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को बंद करने या दूसरे स्कूल में विलय करने के प्रस्ताव का एसएमसी और अभिभावकों ने विरोध किया है। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने इस संबंध में उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सिरमौर को ज्ञापन सौंपकर स्कूल को बंद या किसी अन्य स्कूल में विलय न करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल एसएमसी प्रधान अर्जुन सिंह, सदस्य हरनाम सिंह, दीपक अत्रि, विशाल पुंडीर, निशांत अत्रि, विनोद, मनदीप और आकाश अत्रि ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए किसी अन्य स्कूल में विलय करना उचित नहीं है। साथ लगते राजकीय प्राथमिक पाठशाला भेनू तक जाने वाले शॉर्टकट मार्ग पर करीब 70-80 मीटर गहरी खाई पड़ती है, जिससे छोटे बच्चों का उस रास्ते से आना-जाना बेहद जोखिम भरा है।
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यदि सड़क मार्ग से बच्चों को भेनू स्कूल भेजा जाता है तो उन्हें पांच से छह किलोमीटर अतिरिक्त समय तय करना पड़ेगा। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए रोजाना इतनी दूरी तय करना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पाठशाला में पांच विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पहली कक्षा में तीन से चार नए बच्चों के दाखिले की संभावना है। इससे अप्रैल 2026 तक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर सात से आठ हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह पाठशाला करीब 70 साल पुरानी है। क्षेत्र के बच्चों की प्राथमिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र रही है। ऐसे में इसे बंद करना क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। एसएमसी और ग्रामीणों ने उपनिदेशक से मांग की है कि गांव की भौगोलिक स्थिति और संभावित नामांकन को ध्यान में रखते हुए राजकीय प्राथमिक पाठशाला पराड़ा को बंद या अन्य स्कूल में विलय न किया जाए। संवाद