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Sirmour News: मौसम साफ होते ही किसानों-बागवानों ने किया खेतों का रुख
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-रबी समेत नकदी फसलों लहसुन और प्याज की देखभाल में जुटे
-टमाटर की नर्सरी तैयार की, खेतों की जुताई का कार्य शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में दो दिन बारिश के बाद शनिवार को मौसम साफ होते ही किसानों और बागवानों ने खेतों का रुख कर लिया है। हाल ही में हुई बारिश ने लंबे समय से पड़े सूखे से राहत दिलाई है, जिससे फसलों में नई जान आ गई है। खेतों में इन दिनों चहल-पहल बढ़ गई है और किसान रबी व नकदी फसलों की देखभाल में जुटे हैं।
जिले के सैनधार, धारटीधार और गिरिपार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती की जाती है। इस बार समय पर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में लहसुन और प्याज की फसल अच्छी स्थिति में है, जिससे बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।
किसान राकेश कुमार, तपेंद्र सिंह, राजकुमार, हुनर सिंह का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बारिश न होने के कारण फसलें सूखने की कगार पर थीं, लेकिन हालिया बारिश ने संजीवनी का काम किया है। मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की वृद्धि तेज हो गई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 90 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक लहसुन के अच्छे दाम मिले थे। इसी को देखते हुए इस बार भी किसानों ने लहसुन की खेती का रकबा बढ़ाया है।
उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी बाजार में अच्छे भाव मिलेंगे। जिला सिरमौर का लहसुन गुणवत्ता के लिए जाना जाता है और इसकी मांग दिल्ली समेत दक्षिण भारत की मंडियों में भी रहती है। व्यापारी सीधे गांवों तक पहुंचकर भी खरीदारी करते हैं। इससे किसानों को बेहतर लाभ मिल पाता है। उधर, किसान अब टमाटर की नई फसल की तैयारी में भी जुट गए हैं। नर्सरी तैयार की जा रही है और खेतों की जुताई का कार्य तेज हो गया है।
उपनिदेशक कृषि विभाग जिला सिरमौर डॉ. साहब सिंह ने बताया कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो इस बार लहसुन और प्याज की फसल किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने किसानों से फसलों का ध्यान रखने की अपील की। संवाद
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-टमाटर की नर्सरी तैयार की, खेतों की जुताई का कार्य शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में दो दिन बारिश के बाद शनिवार को मौसम साफ होते ही किसानों और बागवानों ने खेतों का रुख कर लिया है। हाल ही में हुई बारिश ने लंबे समय से पड़े सूखे से राहत दिलाई है, जिससे फसलों में नई जान आ गई है। खेतों में इन दिनों चहल-पहल बढ़ गई है और किसान रबी व नकदी फसलों की देखभाल में जुटे हैं।
जिले के सैनधार, धारटीधार और गिरिपार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती की जाती है। इस बार समय पर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में लहसुन और प्याज की फसल अच्छी स्थिति में है, जिससे बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।
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किसान राकेश कुमार, तपेंद्र सिंह, राजकुमार, हुनर सिंह का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बारिश न होने के कारण फसलें सूखने की कगार पर थीं, लेकिन हालिया बारिश ने संजीवनी का काम किया है। मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की वृद्धि तेज हो गई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 90 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक लहसुन के अच्छे दाम मिले थे। इसी को देखते हुए इस बार भी किसानों ने लहसुन की खेती का रकबा बढ़ाया है।
उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी बाजार में अच्छे भाव मिलेंगे। जिला सिरमौर का लहसुन गुणवत्ता के लिए जाना जाता है और इसकी मांग दिल्ली समेत दक्षिण भारत की मंडियों में भी रहती है। व्यापारी सीधे गांवों तक पहुंचकर भी खरीदारी करते हैं। इससे किसानों को बेहतर लाभ मिल पाता है। उधर, किसान अब टमाटर की नई फसल की तैयारी में भी जुट गए हैं। नर्सरी तैयार की जा रही है और खेतों की जुताई का कार्य तेज हो गया है।
उपनिदेशक कृषि विभाग जिला सिरमौर डॉ. साहब सिंह ने बताया कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो इस बार लहसुन और प्याज की फसल किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने किसानों से फसलों का ध्यान रखने की अपील की। संवाद