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Sirmour Fire Incident: एक चिता पर मां और तीन बच्चों और राजगढ़ में दंपती का एक साथ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, नेरवा (रोहड़ू)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 17 Jan 2026 05:00 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के तलांगना गांव में हुए अग्निकांड में मां और तीन बच्चों और राजगढ़ में दंपती का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। पढ़ें पूरी खबर...
तीन मासूम बच्चों समेत दो बेटियां और एक दामाद जिंदा जल गए।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सिरमौर के तलांगना गांव में 14 जनवरी की रात चौपाल उपमंडल के बिज्जर गांव के निवासी ठाकुर जोगेंद्र सिंह के परिवार पर कहर बनकर टूटी। तलांगना गांव में हुए भीषण अग्निकांड में ठाकुर जोगेंद्र सिंह ने बहू कविता, पोते कृतिक समेत दो पोतियों कृतिका और सारिका को खो दिया। बेटा लोकेंद्र सिंह भी बुरी तरह से झुलस गया। बिज्जर गांव में हादसे के बाद मातम का माहौल है।
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अवशेषों का डीएनए टेस्ट करवा मृतकों के परिजनों को सौंपा गया। बिज्जर गांव के कुछ लोग इन अवशेषों को लेने के लिए तलांगना गए और बीती रात गांव पहुंचे। शुक्रवार सुबह इन अवशेषों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान हर व्यक्ति की आंख नम थी। लोकेंद्र के भाई यशवंत, भतीजे बनी और अक्षय ने मुखाग्नि दी।
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लोकेंद्र के चाचा अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि लोकेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों के साथ माघी का त्योहार मनाने के लिए ससुराल घंडोरी गया था। उसकी सास इंद्रा देवी पास के गांव तलांगना में स्थित अपनी दोघरी में रह रही थी। सास ने बेटी दामाद को अपने पास मेहमानवाजी में बुलाया था। यह लोग बुधवार को ही तलांगना पंहुचे थे। लोकेंद्र की पत्नी, तीन बच्चे, साढू नरेश और साली तृप्ता एक कमरे में सो रहे थे। जब आग लगी तो साथ के कमरे में सो रहे लोकेंद्र सिंह ने लोहे के सरिये से जलते हुए मकान की खिड़की तोड़कर किसी तरह जान बचाई। जबकि दूसरे कमरे में सोए छह लोग अग्निकांड में जिंदा जल गए। मलबे में दबे जिंदा जले लोगों के अवशेषों को जेसीबी मशीन की सहायता से निकाला गया।