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Sirmour News: डोईवाला शुगर मिल पर पांवटा के किसानों का 45 लाख रुपये बकाया, भुगतान में देरी से बढ़ी चिंता
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-इस पेराई सत्र में मिल ने करीब 40 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद की
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। उत्तराखंड की डोईवाला शुगर मिल में पांवटा क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों का करीब 45 लाख रुपये का भुगतान लंबित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पांवटा विकास खंड में लगभग 600 किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं और इसी से अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं।
इस पेराई सत्र में मिल ने 20 नवंबर 2025 से गन्ना खरीद शुरू की थी और फरवरी 2026 तक करीब 40 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद की गई। इसके बावजूद किसानों को अभी तक उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं मिल पाया है। किसान हरवंश सिंह, किशोरी लाल, हरभजन सिंह, गुरजीत सिंह और राजकुमार ने बताया कि भुगतान में लगातार देरी के कारण अधिकांश किसानों ने इस बार अपना गन्ना निजी चरखियों और गुड़ उत्पादकों को बेचना अधिक उचित समझा, क्योंकि वहां नकद भुगतान मिल जाता है। किसानों का कहना है कि इन दिनों धान की फसल की तैयारी का समय है और खेती-बाड़ी के कार्यों के लिए उन्हें पैसों की सख्त आवश्यकता है।
किसानों ने बताया कि गन्ने की आपूर्ति पांवटा केन ग्रोवर सोसायटी तथा शकुबरा शुगर केन सोसायटी के माध्यम से शुगर मिल तक पहुंचाई जाती है। गन्ना खरीद और भुगतान का पूरा लेखा-जोखा भी सोसायटी के पास रहता है। किसानों का आरोप है कि वे पिछले पांच माह से भुगतान के इंतजार में सोसायटियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
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जानकारी के अनुसार पांवटा क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन होता है। पिछले तीन दशकों से यहां के किसान उत्तराखंड स्थित डोईवाला शुगर मिल को गन्ने की आपूर्ति करते आ रहे हैं। शुरुआती वर्षों में मिल द्वारा धौलाकुआं क्षेत्र में चार तोल कांटे स्थापित कर करीब दो लाख क्विंटल तक गन्ने की खरीद की जाती थी। हालांकि किसानों को भुगतान के लिए कई बार आठ से दस महीने तक इंतजार करना पड़ता था, जिसके चलते समय के साथ किसानों ने मिल को गन्ना भेजना कम कर दिया।
उधर, इस संबंध में शुगर मिल प्रबंधन के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों के बकाया भुगतान को लेकर उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी महीने के भीतर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किसानों को एकमुश्त भुगतान किया जा सकता है।
संवाद
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। उत्तराखंड की डोईवाला शुगर मिल में पांवटा क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों का करीब 45 लाख रुपये का भुगतान लंबित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पांवटा विकास खंड में लगभग 600 किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं और इसी से अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं।
इस पेराई सत्र में मिल ने 20 नवंबर 2025 से गन्ना खरीद शुरू की थी और फरवरी 2026 तक करीब 40 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद की गई। इसके बावजूद किसानों को अभी तक उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं मिल पाया है। किसान हरवंश सिंह, किशोरी लाल, हरभजन सिंह, गुरजीत सिंह और राजकुमार ने बताया कि भुगतान में लगातार देरी के कारण अधिकांश किसानों ने इस बार अपना गन्ना निजी चरखियों और गुड़ उत्पादकों को बेचना अधिक उचित समझा, क्योंकि वहां नकद भुगतान मिल जाता है। किसानों का कहना है कि इन दिनों धान की फसल की तैयारी का समय है और खेती-बाड़ी के कार्यों के लिए उन्हें पैसों की सख्त आवश्यकता है।
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किसानों ने बताया कि गन्ने की आपूर्ति पांवटा केन ग्रोवर सोसायटी तथा शकुबरा शुगर केन सोसायटी के माध्यम से शुगर मिल तक पहुंचाई जाती है। गन्ना खरीद और भुगतान का पूरा लेखा-जोखा भी सोसायटी के पास रहता है। किसानों का आरोप है कि वे पिछले पांच माह से भुगतान के इंतजार में सोसायटियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
जानकारी के अनुसार पांवटा क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन होता है। पिछले तीन दशकों से यहां के किसान उत्तराखंड स्थित डोईवाला शुगर मिल को गन्ने की आपूर्ति करते आ रहे हैं। शुरुआती वर्षों में मिल द्वारा धौलाकुआं क्षेत्र में चार तोल कांटे स्थापित कर करीब दो लाख क्विंटल तक गन्ने की खरीद की जाती थी। हालांकि किसानों को भुगतान के लिए कई बार आठ से दस महीने तक इंतजार करना पड़ता था, जिसके चलते समय के साथ किसानों ने मिल को गन्ना भेजना कम कर दिया।
उधर, इस संबंध में शुगर मिल प्रबंधन के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों के बकाया भुगतान को लेकर उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी महीने के भीतर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किसानों को एकमुश्त भुगतान किया जा सकता है।
संवाद