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Sirmour News: तीन करोड़ की योजना फेल, उद्घाटन के बाद भी एक बूंद पानी नहीं
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गिरि शमयाला रुदाना योजना बनी सफेद हाथी, ग्रामीण प्यासे
2007 में स्वीकृत, 2022 में उद्घाटन - आज तक नहीं मिला पानी
पाइपलाइन दबने, मोटर जलने और चोरी से योजना ठप
करोड़ों खर्च, फिर भी गांवों को नहीं मिला लाभ
स्टाफ की कमी और चोरी से जूझ रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जल शक्ति विभाग पांवटा साहिब की एक उठाऊ पेयजल योजना सवालों के घेरे में आ गई है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी गिरि शमयाला रुदाना उठाऊ पेयजल योजना का उद्घाटन होने के बावजूद आज तक ग्रामीणों को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हो सका है। ऐसे में यह योजना लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है।
यह योजना वर्ष 2007 में स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य लंबे समय तक लटका रहा। वर्ष 2022 में अधूरी अवस्था में ही इसका उद्घाटन कर दिया गया। उद्घाटन के बाद भी क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। श्री पांवटा साहिब विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि आज भी लोग प्यासे हैं। उन्होंने इसे व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि इस योजना से आंज भोज क्षेत्र के रुदाना, थड़ा, पाब और कोफर गांवों को लाभ मिलना था। अब विभागीय लापरवाही के कारण लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बरसात में अम्बोया खड्ड में बाढ़ से पाइपलाइन मलबे में दब गई। बाद में जब इसे ठीक किया तो पाइपों में बजरी फंसी होने के कारण मोटर जल गई। इसके अलावा पंपिंग स्टेशन की 75-75 हॉर्स पावर की मोटरें और केबल भी चोरी हो गईं। इससे योजना पूरी तरह ठप हो गई। हैरानी की बात यह है कि दो-तीन वर्षों से इस योजना को आउटसोर्स आधार पर ठेकेदार को भी सौंपा गया। इस पर केवल बजट खर्च होता रहा और लोगों को पानी नहीं मिल पाया।
विभाग में स्वीकृत 475 पदों के मुकाबले केवल 60-70 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। साथ ही योजनाओं में हो रही चोरी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
-जितेंद्र ठाकुर, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग पांवटा साहिब
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2007 में स्वीकृत, 2022 में उद्घाटन - आज तक नहीं मिला पानी
पाइपलाइन दबने, मोटर जलने और चोरी से योजना ठप
करोड़ों खर्च, फिर भी गांवों को नहीं मिला लाभ
स्टाफ की कमी और चोरी से जूझ रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जल शक्ति विभाग पांवटा साहिब की एक उठाऊ पेयजल योजना सवालों के घेरे में आ गई है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी गिरि शमयाला रुदाना उठाऊ पेयजल योजना का उद्घाटन होने के बावजूद आज तक ग्रामीणों को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हो सका है। ऐसे में यह योजना लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है।
यह योजना वर्ष 2007 में स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य लंबे समय तक लटका रहा। वर्ष 2022 में अधूरी अवस्था में ही इसका उद्घाटन कर दिया गया। उद्घाटन के बाद भी क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। श्री पांवटा साहिब विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि आज भी लोग प्यासे हैं। उन्होंने इसे व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि इस योजना से आंज भोज क्षेत्र के रुदाना, थड़ा, पाब और कोफर गांवों को लाभ मिलना था। अब विभागीय लापरवाही के कारण लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि बरसात में अम्बोया खड्ड में बाढ़ से पाइपलाइन मलबे में दब गई। बाद में जब इसे ठीक किया तो पाइपों में बजरी फंसी होने के कारण मोटर जल गई। इसके अलावा पंपिंग स्टेशन की 75-75 हॉर्स पावर की मोटरें और केबल भी चोरी हो गईं। इससे योजना पूरी तरह ठप हो गई। हैरानी की बात यह है कि दो-तीन वर्षों से इस योजना को आउटसोर्स आधार पर ठेकेदार को भी सौंपा गया। इस पर केवल बजट खर्च होता रहा और लोगों को पानी नहीं मिल पाया।
विभाग में स्वीकृत 475 पदों के मुकाबले केवल 60-70 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। साथ ही योजनाओं में हो रही चोरी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
-जितेंद्र ठाकुर, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग पांवटा साहिब