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Sirmour News: चंडीगढ़-देहरादून एनएच पर फंसा ओवरलोड ट्राला<bha>;</bha> लगा जाम, लोग परेशान
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-नवोदय विद्यालय के पास खनन सामग्री से लदा ट्राला फंसने तो करीब छह घंटे तक चंडीगढ़-देहरादून एनएच पर दोनों तरफ लगा जाम
-खजूरना-बिक्रमबाग-सुकेती मार्ग भी पड़ा छोटा, लगा रहा ट्रैफिक जाम
-ओवरलोड ट्राले का किया गया चालान, एफआईआर भी दर्ज
लोग बोले, बार-बार हादसों के बावजूद भारी वाहनों पर स्थायी लगाम क्यों नहीं?
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। खनन सामग्री से लदे भारी-भरकम ट्रालों के आगे चंडीगढ़-देहरादून नेशनल हाईवे एक बार फिर बेबस नजर आया। शनिवार सुबह नाहन के नवोदय विद्यालय के समीप खनन सामग्री से लदा एक ट्राला अनियंत्रित होकर हाईवे पर फंस गया। ट्राला फंसते ही नाहन-पांवटा साहिब-कालाअंब-देहरादून मार्ग पर दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब छह घंटे तक हजारों वाहन चालक जाम में फंसे रहे। हाईवे पर हालात ऐसे बने कि वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और वैकल्पिक मार्ग भी यातायात का दबाव नहीं झेल पाया।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया। ट्राले को हटाने की कवायद के दौरान वाहनों को खजूरना से बिक्रमबाग-सुकेती मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया, लेकिन संकरी सड़क पर अचानक बढ़े यातायात के कारण यहां भी लंबा जाम लग गया। इससे हाईवे पर हुए एक हादसे का असर आसपास के पूरे सड़क नेटवर्क पर दिखाई दिया।
पुलिस ने मामले में ट्राले का ओवरलोडिंग का चालान करने के साथ एफआईआर भी दर्ज की है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब खनन सामग्री से लदे भारी ट्रालों की आवाजाही और ओवरलोडिंग को लेकर लगातार शिकायतें और हादसे सामने आ रहे हैं, तो इन पर सरकार और प्रशासन का प्रभावी और स्थायी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है?
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ट्रालों के हादसों से आम लोगों की जिंदगी दांव पर
शनिवार को ट्राला फंसने के बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नाहन से पांवटा साहिब, कालाअंब, हरियाणा और देहरादून की ओर आने-जाने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। बसों, निजी वाहनों, ट्रकों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी हुई। मौके पर फंसे वाहनधारकों व यात्रियों में निशांत कुमार, कुलदीप, कृष्ण लाल आदि ने बताया कि वह अपने जरूरी काम से जा रहे थे, लेकिन जब खजूरना पुल के पास पहुंचे तो यहां जाम में फंस गए। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है। इस पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में एक भारी ट्राला सड़क पर फंसते ही पूरा यातायात तंत्र ठप हो जाना गंभीर चिंता का विषय है। यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी यहां कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कार्रवाई के नाम पर मानों किसी बड़े हादसे का इंतजार यहां किया जा रहा है। अन्य वाहन धारक अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर सफर करने को मजबूर हैं।
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कागजों में कार्रवाई, सड़क पर खतरा बरकरार
कालाअंब से पांवटा साहिब के बीच हाईवे पर खनन सामग्री से लदे बड़े ट्रालों की आवाजाही लंबे समय से सवालों के घेरे में है। कभी ट्राले पलट रहे हैं, कभी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा रहे हैं और कभी इनके फंसने से घंटों हाईवे बंद हो रहा है। इसके बावजूद भारी वाहनों के संचालन को लेकर कोई स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आ रही। संबंधित वाहन यहां बीच-बीच में कार्रवाई जरूर करते हैं, लेकिन नियमित कार्रवाई और जांच नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं। यह सड़क दो औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ती है। ऐसे में यहां यातायात काफी अधिक रहता है। सुबह 8 से 10 और शाम 5 से 7 बजे तक काफी यातायात रहता है। लेकिन इस दौरान भी यह ट्राले बेखौफ दौड़ते हैं। वाहन चालकों को काफी समस्या इनके चलते उठानी पड़ रही है।
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बॉक्स--
पहले भी पेश आ चुकी हैं यह बड़ी घटनाएं
बता दें कि इस हाईवे पर ट्रालों से जुड़ी घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। हाल ही में मई महीने में ही खजूरना पुल के समीप ट्राला फंसने से करीब चार घंटे हाईवे बाधित रहा था। इससे पहले 15 मई को खजूरना के पास ओवरलोडेड ट्रक बोलेरो पर पलट गया था, जिसमें तीन लोग घायल हुए थे। मई महीने में ही नाहन के समीप माता बाला सुंदरी गोसदन के पास हरियाणा नंबर का ट्राला खाई में जा गिरा था। इससे पहले जनवरी में गोशाला के समीप बजरी से लदा ट्राला पलटने से यातायात प्रभावित हुआ था। जून में भी एक अनियंत्रित ट्राला हाईवे किनारे दुकानों में जा घुसा था। मोगीनंद में फोनिक्स कंपनी के समीप दो बार यह अनियंत्रित ट्राले पलट चुके हैं। लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है।
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-एनएच पर ट्राला फंसे होने की जानकारी मिलने पर एसएचओ की अगुवाई में नाहन पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया था। टीम ने करीब 12 बजे ट्राले को खाली कर एकतरफ करवाया। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया है। ट्राले का ओवरलोड का करीब 25 हजार का चालान किया गया है जबकि एफआईआर भी दर्ज की गई है।
-एनएस नेगी, एसपी सिरमौर-
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-खजूरना-बिक्रमबाग-सुकेती मार्ग भी पड़ा छोटा, लगा रहा ट्रैफिक जाम
-ओवरलोड ट्राले का किया गया चालान, एफआईआर भी दर्ज
लोग बोले, बार-बार हादसों के बावजूद भारी वाहनों पर स्थायी लगाम क्यों नहीं?
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। खनन सामग्री से लदे भारी-भरकम ट्रालों के आगे चंडीगढ़-देहरादून नेशनल हाईवे एक बार फिर बेबस नजर आया। शनिवार सुबह नाहन के नवोदय विद्यालय के समीप खनन सामग्री से लदा एक ट्राला अनियंत्रित होकर हाईवे पर फंस गया। ट्राला फंसते ही नाहन-पांवटा साहिब-कालाअंब-देहरादून मार्ग पर दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब छह घंटे तक हजारों वाहन चालक जाम में फंसे रहे। हाईवे पर हालात ऐसे बने कि वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और वैकल्पिक मार्ग भी यातायात का दबाव नहीं झेल पाया।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया। ट्राले को हटाने की कवायद के दौरान वाहनों को खजूरना से बिक्रमबाग-सुकेती मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया, लेकिन संकरी सड़क पर अचानक बढ़े यातायात के कारण यहां भी लंबा जाम लग गया। इससे हाईवे पर हुए एक हादसे का असर आसपास के पूरे सड़क नेटवर्क पर दिखाई दिया।
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पुलिस ने मामले में ट्राले का ओवरलोडिंग का चालान करने के साथ एफआईआर भी दर्ज की है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब खनन सामग्री से लदे भारी ट्रालों की आवाजाही और ओवरलोडिंग को लेकर लगातार शिकायतें और हादसे सामने आ रहे हैं, तो इन पर सरकार और प्रशासन का प्रभावी और स्थायी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है?
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ट्रालों के हादसों से आम लोगों की जिंदगी दांव पर
शनिवार को ट्राला फंसने के बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नाहन से पांवटा साहिब, कालाअंब, हरियाणा और देहरादून की ओर आने-जाने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। बसों, निजी वाहनों, ट्रकों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी हुई। मौके पर फंसे वाहनधारकों व यात्रियों में निशांत कुमार, कुलदीप, कृष्ण लाल आदि ने बताया कि वह अपने जरूरी काम से जा रहे थे, लेकिन जब खजूरना पुल के पास पहुंचे तो यहां जाम में फंस गए। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है। इस पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में एक भारी ट्राला सड़क पर फंसते ही पूरा यातायात तंत्र ठप हो जाना गंभीर चिंता का विषय है। यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी यहां कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कार्रवाई के नाम पर मानों किसी बड़े हादसे का इंतजार यहां किया जा रहा है। अन्य वाहन धारक अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर सफर करने को मजबूर हैं।
कागजों में कार्रवाई, सड़क पर खतरा बरकरार
कालाअंब से पांवटा साहिब के बीच हाईवे पर खनन सामग्री से लदे बड़े ट्रालों की आवाजाही लंबे समय से सवालों के घेरे में है। कभी ट्राले पलट रहे हैं, कभी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा रहे हैं और कभी इनके फंसने से घंटों हाईवे बंद हो रहा है। इसके बावजूद भारी वाहनों के संचालन को लेकर कोई स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आ रही। संबंधित वाहन यहां बीच-बीच में कार्रवाई जरूर करते हैं, लेकिन नियमित कार्रवाई और जांच नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं। यह सड़क दो औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ती है। ऐसे में यहां यातायात काफी अधिक रहता है। सुबह 8 से 10 और शाम 5 से 7 बजे तक काफी यातायात रहता है। लेकिन इस दौरान भी यह ट्राले बेखौफ दौड़ते हैं। वाहन चालकों को काफी समस्या इनके चलते उठानी पड़ रही है।
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पहले भी पेश आ चुकी हैं यह बड़ी घटनाएं
बता दें कि इस हाईवे पर ट्रालों से जुड़ी घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। हाल ही में मई महीने में ही खजूरना पुल के समीप ट्राला फंसने से करीब चार घंटे हाईवे बाधित रहा था। इससे पहले 15 मई को खजूरना के पास ओवरलोडेड ट्रक बोलेरो पर पलट गया था, जिसमें तीन लोग घायल हुए थे। मई महीने में ही नाहन के समीप माता बाला सुंदरी गोसदन के पास हरियाणा नंबर का ट्राला खाई में जा गिरा था। इससे पहले जनवरी में गोशाला के समीप बजरी से लदा ट्राला पलटने से यातायात प्रभावित हुआ था। जून में भी एक अनियंत्रित ट्राला हाईवे किनारे दुकानों में जा घुसा था। मोगीनंद में फोनिक्स कंपनी के समीप दो बार यह अनियंत्रित ट्राले पलट चुके हैं। लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है।
-एनएच पर ट्राला फंसे होने की जानकारी मिलने पर एसएचओ की अगुवाई में नाहन पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया था। टीम ने करीब 12 बजे ट्राले को खाली कर एकतरफ करवाया। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया है। ट्राले का ओवरलोड का करीब 25 हजार का चालान किया गया है जबकि एफआईआर भी दर्ज की गई है।
-एनएस नेगी, एसपी सिरमौर-