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Solan News: फीस वृद्धि वापस लेने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग पर एबीवीपी की भूख हड़ताल
Thu, 13 Aug 2026 12:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:42 AM IST
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परिषद ने कहा कि फीस वृद्धि वापस लेने तक जारी रहेगा संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सोलन इकाई ने बुधवार को सांकेतिक भूख हड़ताल की। यह हड़ताल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि के विरोध में थी। साथ ही लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनावों की बहाली की भी मांग की गई।
एबीवीपी ने कहा कि विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस से विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। परिषद ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं। एचपीयू में 25 से 30 फीसदी फीस वृद्धि तत्काल वापस ली जाए। डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में 15 से 18 फीसदी फीस वृद्धि रद्द हो। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में 12 से 18 फीसदी फीस वृद्धि भी वापस ली जाए। एबीवीपी ने हिमाचल प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल करने की मांग की है। इससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं उठाने का अधिकार मिलेगा। वे अपने प्रतिनिधि भी चुन सकेंगे।
एबीवीपी सोलन इकाई ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विद्यार्थियों का अधिकार है। यह उन पर आर्थिक बोझ नहीं होना चाहिए। परिषद ने कहा कि फीस वृद्धि वापस लेने तक संघर्ष जारी रहेगा। छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन चलेगा। यह आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। एबीवीपी सोलन इकाई ने प्रदेश सरकार से अपील की है। विश्वविद्यालय प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। परिषद ने विद्यार्थियों की आवाज को गंभीरता से लेने को कहा है। इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सोलन इकाई ने बुधवार को सांकेतिक भूख हड़ताल की। यह हड़ताल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि के विरोध में थी। साथ ही लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनावों की बहाली की भी मांग की गई।
एबीवीपी ने कहा कि विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस से विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। परिषद ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं। एचपीयू में 25 से 30 फीसदी फीस वृद्धि तत्काल वापस ली जाए। डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में 15 से 18 फीसदी फीस वृद्धि रद्द हो। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में 12 से 18 फीसदी फीस वृद्धि भी वापस ली जाए। एबीवीपी ने हिमाचल प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल करने की मांग की है। इससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं उठाने का अधिकार मिलेगा। वे अपने प्रतिनिधि भी चुन सकेंगे।
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एबीवीपी सोलन इकाई ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विद्यार्थियों का अधिकार है। यह उन पर आर्थिक बोझ नहीं होना चाहिए। परिषद ने कहा कि फीस वृद्धि वापस लेने तक संघर्ष जारी रहेगा। छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन चलेगा। यह आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। एबीवीपी सोलन इकाई ने प्रदेश सरकार से अपील की है। विश्वविद्यालय प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। परिषद ने विद्यार्थियों की आवाज को गंभीरता से लेने को कहा है। इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
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