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Solan News: कमरा नहीं मिला तो कर्मचारी ने कर दिया ऑक्सीजन प्लांट बंद
Thu, 13 Aug 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:40 AM IST
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कर्मचारी सरकारी कमरे की कर रहा था मांग
प्रशासन ने प्लांट को शुरू करने के लिए नए कर्मी की भेजी डिमांड
फिलहाल, ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे ही रहेंगे वार्डों में मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चार माह बाद शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट एक कमरे के विवाद के कारण बंद हो गया। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाली निजी कंपनी के कर्मचारी ने जब अस्पताल के अंदर सरकारी कमरे की मांग की, तो प्रशासन की ओर से इसे अस्वीकार कर दिया गया। ऐसे में कर्मचारी ने प्लांट को बंद कर काम छोड़ दिया। वहीं एक कर्मचारी के जाने के बाद दूसरे ने भी काम करने से इंकार कर दिया।
सूत्रों के अनुसार अस्पताल में कर्मचारी काफी समय से सरकारी कमरे की मांग कर रहा था। वहीं अस्पताल में सभी कमरे सरकारी कामों के लिए बनाए गए थे। ऐसे में पहले भी कर्मचारी का पदाधिकारियों के साथ इस मामले में विवाद चल रहा था। वहीं प्रशासन की ओर से कमरा देने के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद कर्मचारी ने काम ही छोड़ दिया। सोलन अस्पताल में पहले 31 मार्च को प्लांट बंद हो गया था। ऐसे में प्रशासन की ओर से सरकार को इसे जल्द शुरू करने के लिए पत्र भेजा गया। वहीं चार माह बाद शुरू हुआ यह प्लांट एक माह में ही दोबारा से बंद हो गया है। प्रशासन के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट पहले भी रात के समय बंद ही रहता था। ऐसे में प्रशासन को सिलिंडर हर सप्ताह मंगवाने पड़ेंगे। ऑक्सीजन प्लांट का लाभ मरीजों को केवल दिन के समय मिलेगा। मरीजों को परेशानी न हो इसलिए अस्पताल में पहले से ही ऑक्सीजन सिलिंडर भर कर रखे गए हैं। वहीं हर सप्ताह सिलिंडर की गाड़ी अस्पताल पहुंच रही है।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार ने बताया कि प्लांट को जल्द शुरू करने के लिए कर्मचारियों की मांग भेज दी गई है। प्लांट के लिए कर्मचारियों की तैनाती होने के बाद इसे दोबारा से नियमित रूप से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी प्लांट को निजी कंपनी की ओर से चलाया जा रहा है।
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प्रशासन ने प्लांट को शुरू करने के लिए नए कर्मी की भेजी डिमांड
फिलहाल, ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे ही रहेंगे वार्डों में मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चार माह बाद शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट एक कमरे के विवाद के कारण बंद हो गया। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाली निजी कंपनी के कर्मचारी ने जब अस्पताल के अंदर सरकारी कमरे की मांग की, तो प्रशासन की ओर से इसे अस्वीकार कर दिया गया। ऐसे में कर्मचारी ने प्लांट को बंद कर काम छोड़ दिया। वहीं एक कर्मचारी के जाने के बाद दूसरे ने भी काम करने से इंकार कर दिया।
सूत्रों के अनुसार अस्पताल में कर्मचारी काफी समय से सरकारी कमरे की मांग कर रहा था। वहीं अस्पताल में सभी कमरे सरकारी कामों के लिए बनाए गए थे। ऐसे में पहले भी कर्मचारी का पदाधिकारियों के साथ इस मामले में विवाद चल रहा था। वहीं प्रशासन की ओर से कमरा देने के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद कर्मचारी ने काम ही छोड़ दिया। सोलन अस्पताल में पहले 31 मार्च को प्लांट बंद हो गया था। ऐसे में प्रशासन की ओर से सरकार को इसे जल्द शुरू करने के लिए पत्र भेजा गया। वहीं चार माह बाद शुरू हुआ यह प्लांट एक माह में ही दोबारा से बंद हो गया है। प्रशासन के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट पहले भी रात के समय बंद ही रहता था। ऐसे में प्रशासन को सिलिंडर हर सप्ताह मंगवाने पड़ेंगे। ऑक्सीजन प्लांट का लाभ मरीजों को केवल दिन के समय मिलेगा। मरीजों को परेशानी न हो इसलिए अस्पताल में पहले से ही ऑक्सीजन सिलिंडर भर कर रखे गए हैं। वहीं हर सप्ताह सिलिंडर की गाड़ी अस्पताल पहुंच रही है।
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उधर, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार ने बताया कि प्लांट को जल्द शुरू करने के लिए कर्मचारियों की मांग भेज दी गई है। प्लांट के लिए कर्मचारियों की तैनाती होने के बाद इसे दोबारा से नियमित रूप से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी प्लांट को निजी कंपनी की ओर से चलाया जा रहा है।
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