{"_id":"6967e6634e19b5b4c705c908","slug":"crowds-throng-temples-on-makar-sankranti-wishing-for-happiness-and-prosperity-solan-news-c-176-1-ssml1040-161316-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: मकर संक्रांति पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, सुख-समृद्धि की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: मकर संक्रांति पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, सुख-समृद्धि की कामना
विज्ञापन
विज्ञापन
मालरोड स्थित हनुमान और नरसिंह मंदिर में दलिये का प्रसाद बांटा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मकर संक्रांति पर बुधवार सुबह से ही शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। लोगों ने माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सूखी खिचड़ी, तिल और गुड़ से बने खाद्य पदार्थ प्रसाद के तौर पर दान किए गए। वहीं शहर के मालरोड स्थित हनुमान मंदिर और नरसिंह मंदिर में दलिया का प्रसाद बांटा गया। शहर के शूलिनी मंदिर, हनुमान मंदिर, पट्टा मोड शिव मंदिर, सनातन धर्म मंदिर धर्मपुर, लुटरु महादेव अर्की, शिव तांडव गुफा कुनिहार समेत जिलेभर के मंदिरों में लोगों ने आशीर्वाद लिया। हालांकि इस बार 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बना। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था। एकादशी होने के कारण लोगों ने चावल व खिचड़ी नहीं बनाई। ऐसे में कुछ घरों में वीरवार को भी खिचड़ी बनाई जाएगी। कई लोगों ने अपने घरों में पूजा पाठ और हवन भी किया। सुबह स्नान के बाद लोग मंदिरों में पहुंचे और माथा टेककर दिन की शुरुआत की। बच्चे भी नए परिधानों में मस्ती करते नजर आए। सनातन धर्म मंदिर के पुजारी पंडित त्रिभुवन पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति पर मंदिरों में भीड़ रही। उन्होंने कहा कि इस बार संक्रांति पर षटतिला एकादशी थी। जिस कारण कई लोगों ने चावल व खिचड़ी बनाने से परहेज किया। कहा कि मकर संक्रांति का काफी महत्व है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उतराणे हो जाता है। आज से दिन बढ़ना शुरू हो जाएंगे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मकर संक्रांति पर बुधवार सुबह से ही शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। लोगों ने माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सूखी खिचड़ी, तिल और गुड़ से बने खाद्य पदार्थ प्रसाद के तौर पर दान किए गए। वहीं शहर के मालरोड स्थित हनुमान मंदिर और नरसिंह मंदिर में दलिया का प्रसाद बांटा गया। शहर के शूलिनी मंदिर, हनुमान मंदिर, पट्टा मोड शिव मंदिर, सनातन धर्म मंदिर धर्मपुर, लुटरु महादेव अर्की, शिव तांडव गुफा कुनिहार समेत जिलेभर के मंदिरों में लोगों ने आशीर्वाद लिया। हालांकि इस बार 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बना। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था। एकादशी होने के कारण लोगों ने चावल व खिचड़ी नहीं बनाई। ऐसे में कुछ घरों में वीरवार को भी खिचड़ी बनाई जाएगी। कई लोगों ने अपने घरों में पूजा पाठ और हवन भी किया। सुबह स्नान के बाद लोग मंदिरों में पहुंचे और माथा टेककर दिन की शुरुआत की। बच्चे भी नए परिधानों में मस्ती करते नजर आए। सनातन धर्म मंदिर के पुजारी पंडित त्रिभुवन पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति पर मंदिरों में भीड़ रही। उन्होंने कहा कि इस बार संक्रांति पर षटतिला एकादशी थी। जिस कारण कई लोगों ने चावल व खिचड़ी बनाने से परहेज किया। कहा कि मकर संक्रांति का काफी महत्व है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उतराणे हो जाता है। आज से दिन बढ़ना शुरू हो जाएंगे।